भारत और अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता टलने की वजह रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस की बढ़ती नजदीकी मानी जा रही है। अमेरिका नहीं चाहता कि भारत रूस से एस-400 ट्रम्फ एयर डिफेंस सिस्टम हासिल करे।
लेकिन भारत ने अमेरिकी दबाव और विरोध को दरकिनार करते हुए इस सिस्टम को हासिल करने को अपने कदम बढ़ा दिए है। अमेरिका ने जुलाई में प्रस्तावित टू प्लस टू वार्ता बिना कारण बताए अचानक रद्द कर दी थी।
सूत्रों के मुताबिक एयर डिफेंस सिस्टम हासिल करने के लिए भारत-रूस में लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन इस दिशा में दोनों देश सैद्धांतिक तौर पर तब मजबूती से आगे बढ़े, जब मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक बैठक हुई।
इसके बाद कुछ अड़चनों को दूर करते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद ने इस सौदे को मंजूरी दे दी। अब इस संबंध में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति अंतिम मुहर लगाएगी।