‘किलिंग मशीन ए कंपनी’... यह नाम है तंजील अहमद हत्याकांड के मुख्य आरोपी व कुख्यात शूटर मुनीर महताब के एएमयू से जुड़े साथियों के गैंग का। यह सच उस समय सामने आया, जब आशुतोष की तर्ज पर मुनीर-अतीउल्ला की फेसबुक पर तलाश शुरू की गई। बिजनौर सीजेएम कोर्ट ने मुनीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया है।
खुद मुनीर का कोई फेसबुक एकाउंट आज तक उसके नाम से तो नहीं मिला। मगर उसके कई साथियों के फेसबुक एकाउंट का स्टेट्स ‘एट वर्क किलिंग मशीन’ देख जरूर लोग चौंक गए। यह नाम हमेशा अबूझ पहेली बना रहा। वहीं आशुतोष की गिरफ्तारी के बाद से ज्यादातर साथियों का फेसबुक अपडेट होना बंद हो गया। अब एसटीएफ-एटीएस की एक टीम फेसबुक की मदद से मुनीर-अतीउल्ला की तलाश में जुटी है।
अमीर निशा इलाके में 20 अक्तूबर 2014 को पीतल-हार्डवेयर कारोबारी फहद की उसकी पत्नी के सामने हत्या के बाद आशुतोष मिश्रा, मुनीर, अतीउल्ला आदि नाम सामने आए। इन तीनों के स्कैच बनवाए गए। पत्नी ने आशुतोष को देखते ही पहचान लिया। मुनीर व अतीउल्ला के फोटो देखते ही पहचान लिए। इसी बीच बात सामने आई कि आशुतोष मिश्रा फेसबुक व फोन की मदद से पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इसके बाद उसके ग्रुप के अधिकांश साथियों का फेसबुक अपडेट होना बंद हो गया। मगर इस दौरान अतीउल्ला व मुनीर से जुड़े कई साथियों के फेसबुक एकाउंट पर उनका स्टेट्स फाउंडर किलिंग मशीन ए कंपनी, प्रेसीडेंट किलिंग मशीन ए कंपनी, शूटर किलिंग मशीन ए कंपनी, वर्क एट किलिंग मशीन कंपनी जैसे देख खुद फहद के परिजन चौंक गए। एक दूसरे को कमेंट में इन दोस्तों ने खुद को आतंकियों से लड़ने वाला करार दिया है। इनमें से अतीउल्ला की फ्रेंड लिस्ट तो पूरी तरह ब्लाक है, वहीं आशुतोष व अन्य की फ्रेंड लिस्ट में एएमयू व देश के दूसरे शिक्षण संस्थानों के कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं।