फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुनीर गैंग यानी ‘किलिंग मशीन ए कंपनी’, गैर जमानती वारंट जारी

Wed, 20 Apr 2016 08:47 AM IST
अभिषेक शर्मा/अमर उजाला, अलीगढ़

सार

  • फहद की हत्या के बाद फेसबुक की मदद से मिला था आशुतोष
  • तब से बंद हो गई इनके अधिकांश साथियों की फेसबुक अपडेट
  • मुनीर के नाम से आज तक नहीं है सीधा कोई फेसबुक एकाउंट
विज्ञापन
मुनीर - फोटो : amar ujala bureau
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

‘किलिंग मशीन ए कंपनी’... यह नाम है तंजील अहमद हत्याकांड के मुख्य आरोपी व कुख्यात शूटर मुनीर महताब के एएमयू से जुड़े साथियों के गैंग का। यह सच उस समय सामने आया, जब आशुतोष की तर्ज पर मुनीर-अतीउल्ला की फेसबुक पर तलाश शुरू की गई। बिजनौर सीजेएम कोर्ट ने मुनीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया है।
विज्ञापन


खुद मुनीर का कोई फेसबुक एकाउंट आज तक उसके नाम से तो नहीं मिला। मगर उसके कई साथियों के फेसबुक एकाउंट का स्टेट्स ‘एट वर्क किलिंग मशीन’ देख जरूर लोग चौंक गए। यह नाम हमेशा अबूझ पहेली बना रहा। वहीं आशुतोष की गिरफ्तारी के बाद से ज्यादातर साथियों का फेसबुक अपडेट होना बंद हो गया। अब एसटीएफ-एटीएस की एक टीम फेसबुक की मदद से मुनीर-अतीउल्ला की तलाश में जुटी है।

अमीर निशा इलाके में 20 अक्तूबर 2014 को पीतल-हार्डवेयर कारोबारी फहद की उसकी पत्नी के सामने हत्या के बाद आशुतोष मिश्रा, मुनीर, अतीउल्ला आदि नाम सामने आए। इन तीनों के स्कैच बनवाए गए। पत्नी ने आशुतोष को देखते ही पहचान लिया। मुनीर व अतीउल्ला के फोटो देखते ही पहचान लिए। इसी बीच बात सामने आई कि आशुतोष मिश्रा फेसबुक व फोन की मदद से पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
विज्ञापन


इसके बाद उसके ग्रुप के अधिकांश साथियों का फेसबुक अपडेट होना बंद हो गया। मगर इस दौरान अतीउल्ला व मुनीर से जुड़े कई साथियों के फेसबुक एकाउंट पर उनका स्टेट्स फाउंडर किलिंग मशीन ए कंपनी, प्रेसीडेंट किलिंग मशीन ए कंपनी, शूटर किलिंग मशीन ए कंपनी, वर्क एट किलिंग मशीन कंपनी जैसे देख खुद फहद के परिजन चौंक गए। एक दूसरे को कमेंट में इन दोस्तों ने खुद को आतंकियों से लड़ने वाला करार दिया है। इनमें से अतीउल्ला की फ्रेंड लिस्ट तो पूरी तरह ब्लाक है, वहीं आशुतोष व अन्य की फ्रेंड लिस्ट में एएमयू व देश के दूसरे शिक्षण संस्थानों के कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं।
विज्ञापन

कहीं नाम बदलकर तो मुनीर नहीं चला रहा एकाउंट

कहीं नाम बदलकर तो मुनीर नहीं चला रहा एकाउंट
एसटीएफ-एटीएस की एक टीम आशुतोष को पकड़ने वाले टीम के सदस्यों व उसके दोस्तों की मदद से यह जानने की कोशिश में है कि कहीं मुनीर किसी अन्य नाम से फेसबुक एकाउंट तो नहीं चला रहा। अगर चला रहा है तो वह पिछले कितने समय तक अपडेट रहा है।

फहद के परिवार को मुनीर से जान का खतरा
तंजील अहमद व आलमगीर हत्याकांड में दो लाख के इनामी मुनीर के पीछे बेशक पश्चिमी यूपी पुलिस, एसटीएफ, एटीएस व एनआईए की टीमें लगी हैं। उसके देश छोड़कर नेपाल भागने का अंदेशा है। अमीर निशा के फहद का परिवार आज भी मुनीर की दहशत में जी रहा है।

र के अंदर व बाहर चारों को सीसीटीवी की निगरानी है। फहद की पत्नी व बच्चों को हर समय निगरानी में रखा जाता है। वजह साफ है कि फहद की पत्नी अपने पति की हत्या की चश्मदीद गवाह है। इसलिए परिजन उसकी व बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखे हुए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें