मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा से गिरफ्तार किए गए वैभव राउत और उनके घर से बरामद हुए विस्फोटक मामले में एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है।
एटीएस ने मंगलवार को कोर्ट में कहा कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी पुणे के सनबर्न फेस्टिवल में धमाके की साजिश रच रहे थे। इतना ही नहीं, गिरफ्तार आरोपी शरद कलसकर और उसके साथियों ने कल्याण और वेलगांव के थिएटर में पद्मावत फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान धमाका भी किया था।
नालासोपारा विस्फोटक मामले में गिरफ्तार किए गए शरद कलसकर, वैभव राउत, सुधन्वा गोंधलेकर और श्रीकांत पांगरकर को मंगलवार को सेशन कोर्ट में पेश किया गया। इसी दौरान एटीएस के वकील ने कोर्ट में खुलासा किया कि आरोपियों ने पद्मावत फिल्म के विरोध में वेलगांव और कल्याण के प्रकाश टाकीज में विस्फोट किया था। एटीएस ने दावा किया कि पुणे का सरबर्न संगीत महोत्सव हिंदू धर्म के खिलाफ है, इसलिए फेस्टिवल को निशाना बनाने की योजना थी।
एटीएस ने अब तक पूछताछ में हुई प्रगति का हवाला देते हुए कई राज्यों में आरोपियों के लिंक की जांच के लिए नौ दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। आरोपियों से अब तक विस्फोटक के अलावा सांकेतिक भाषा में लिखे गए पत्र और हीरो होंडा मोटरसाइकिल भी बरामद की है। वहीं, एटीएस का यह भी दावा है कि आरोपियों के कुल नौ ट्रेनिंग सेंटर हैं जहां इन्हें प्रशिक्षण दिया गया। इसमें से दो महाराष्ट्र में है।
एटीएस ने कोर्ट को यह भी बताया कि देशभर में छह लोग इनके निशाने पर थे, जिसमें सीबीआई अधिकारी नंदकुमार नायर का भी समावेश है। इस मामले में सनातन संस्था के वकील संजीव पुनालेकर ने कहा कि कोर्ट ने अभी तक शरद कलसकर को सीबीआई के सुपुर्द नहीं किया है। बुधवार को इस पर फैसला होगा।