एटीएम और बैंक से पैसे निकालते वक्त लोगों को भरोसा रहता है कि जो नोट उन्होंने निकाले हैं वे असली हैं जबकि हमेशा ऐसा नहीं होता। नकली नोटों के संबंध में आई एक आरबीआई रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि बैंकों और एटीएम ने पिछले साढे़ तीन सालों में 15 करोड़ कीमत के 19 लाख जाली नोट पूरे देश में वितरित किए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में एक विश्लेषण के मुताबिक 100 रुपये के 5.42 लाख नकली नोट जिनकी कीमत 54.21 करोड़ है, 500 के 8.56 लाख जाली नोट जिनका मूल्य 42.8 करोड़ है और 1000 के 4.7 लाख नोट जिनकी कीमत 47 करोड़ रुपये हैं बैंकिंग प्रणाली के जरिए वितरित किए गए हैं।
अक्टूबर 2008 में बंगलुरू सिटी रेलवे पर एलआईसी कर्मचारी राजू के साथ एटीएम से 500 के 9 नकली नोट निकलने का मामला हुआ था। राजु ने रिजर्वेशन काउंटर के पास लगे कैनरा बैंक के एटीएम से 5 हजार रुपये निकाले जब टिकट बुक करने लिए उसने रिजर्वेशन काउंटर पर निकाले गए नोट में से एक नोट दिया तो क्लर्क ने राजू से कहा यह नकली नोट है। राजू ने क्लर्क को स्लिप दिखाते हुए कहा वह अभी एटीएस से पैसे निकाल कर लाया है।