हाल ही में लांच हुई 'अटल बीमित व्यक्ति योजना' से बेरोजगार युवकों को बड़ी मदद मिलने की आशा बंधी है। इस योजना से जुड़े लोगों की नौकरी जाने पर उनको अगली नौकरी मिलने तक नकद धनराशि दी जाएगी। यह राशि उनकी पिछले तीन महीने की आय की एक चौथाई होगी।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने एक कार्यक्रम में बताया कि इस योजना से लगभग 3.2 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ईएसआईसी, ईपीएफओ जैसी योजनाओं के जरिये लगभग लगभग 6 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। ये सभी लोग संगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इन लोगों के काम करने की परिस्थितियों में सुधार लाने के लिए सरकार लगातार प्रयत्नशील है।
उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र के अलावा असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लगभग 40 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। इन श्रमिकों की आधारभूत जीवन संरचना, उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुधारने के लिए अनेक योजनाओं को लागू किया गया है।
गंगवार ने बताया कि देश के आंगनबाड़ी केंद्रों में काम कर रही कार्यकर्ताओं के हितों के लिए भी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। उनकी मासिक सहायता राशि को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर साढ़े चार हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी सहायिकाओं को भी अब 1500 रुपये की बजाय 2250 रुपये मिलेंगे। गंगवार ने आशा व्यक्त की कि इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा जिससे वे बच्चों की बेहतर तरीके से देखभाल कर पाएंगी।