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95 साल की उम्र में इनके पास पद्मभूषण भी है और लक्ष्मी भी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 27 Jan 2019 12:17 PM IST

सार

  • धर्मपाल गुलाटी को 95 साल की उम्र में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है।
  • एफएमसीजी सैक्टर में सबसे अधिक कमाने वाले सीईओ हैं गुलाटी।
  • विज्ञापन में आने वाले वह दुनिया के सबसे अधिक उम्र के स्टार के रूप में जाने जाते हैं।
  • रोजाना कम से कम एक फैक्ट्री का दौरा करते हैं।
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धर्मपाल गुलाटी


गुलाटी को लोग महाशय कहकर संबोधित करते हैं। उनके कपड़े पहनने के अंदाज और मूछों के कारण लोगों ने उन्हें ये नाम दिया है। जो उन्हें काफी पसंद भी आता है। गुलाटी का कहना है, "मैं कोई और नशा नहीं करता, मुझे प्यार का नशा है। मुझे यह बहुत पसंद है जब बच्चे और युवा मुझसे मिलते हैं और मेरे साथ सेल्फी लेते हैं।"


गुलाटी कक्षा 5 ड्रॉपआउट हैं। वह एफएमसीजी सैक्टर में सबसे अधिक कमाने वाले सीईओ हैं। सूत्रों के अनुसार 2018 में उन्हें 25 करोड़ रुपये की सैलरी मिली है। 27 मार्च, 1923 में सियालकोट (अब पाकिस्तान में) में जन्म लेने वाले गुलाटी की सफलता की कहानी काफी मशहूर है। आजादी के बाद हुए बंटवारे में गुलाटी और उनका परिवार केवल 1500 रुपये हाथ में लिए भारत आए थे। इसके बाद उन्होंने एक तांगेवाले के तौर पर काम करना शुरू किया। लेकिन बाद में उनके परिवार ने करोल बाग के अजमल खान रोड पर एक मसाले की दुकान खोलने के लिए संसाधन जुटा लिए।


उनका व्यापार धीरे-धीरे बढ़ा और आज गुलाटी की भारत और दुबई में 18 फैक्ट्रियां हैं। जहां से दुनियाभर में एमडीएच मसालों की सप्लाई की जाती है। कंपनी 62 उत्पाद बेचती है और उत्तर भारत में 80 फीसदी मार्केट शेयर का दावा करती है। गुलाटी दो महीने बाद 96 साल के होने वाले हैं, बावजूद इसके वह हर रोज कम से कम एक फैक्ट्री में जाते हैं। चाहे फिर वह दिल्ली की फैक्ट्री हो या फरीदाबाद और गुरुग्राम की। उन्होंने मसाले का जो इतना बड़ा बिजनेस खड़ा किया है इसे संभालने में उनका बेटा और छह बेटियां मदद करती हैं।


गुलाटी का कहना है कि उनकी लंबी उम्र का राज उनकी अच्छी डाइट और रोजाना की जाने वाली एक्सरसाइज है। वो कहते हैं, "मैं बुड्ढा नहीं हूं, जवान हूं।" नेहरू पार्क में सैर करने के लिए वह रोज सुबह 4 बजे उठते हैं, वह योगा भी करते हैं और फिर नाश्ता करते हैं। वह शाम को भी सैर करने जाते हैं और रात को खाने के बाद भी। वह खुद को राजाना की खबरों से अपडेट रखते हैं। 


गुलाटी का एमडीएच के विज्ञापन में आना भी पहले से निश्चित नहीं था। पहले उसमें लड़की के पिता का अभिनय कोई और करने वाला था। लेकिन जब ऐसा मुमकिन नहीं हुआ तो गुलाटी ने ये अभिनय किया। गुलाटी कहते हैं, "जब डायरेक्टर ने मुझे सुझाव दिया कि मैं पिता का रोल करूं तो मुझे लगा कि इससे पैसे बचेंगे और मैं सहमत हो गया।" इसके बाद से गुलाटी एमडीएच के सभी विज्ञापनों में आने लगे। 

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