न्यूरोसर्जन डॉ. जिगर शाह ने बताया कि बच्ची को ऑक्सीपिटन मेनिंगोमायसील नाम का ट्यूमर था जो जन्म से ही होता है। डॉ. शाह ने बताया कि करीब एक लाख में से एक मामला इस तरह का आता है। बच्ची के ब्रेन स्टेम और दिमाग के जरूरी हिस्से इस ट्यूमर से जुड़ गए थे, साथ ही उसके दिमाग का कुछ हिस्सा ट्यूमर के साथ बाहर आता जा रहा था।
अगर यह सर्जरी कुछ दिन के लिए टाल दी जाती तो दिमाग पूरी तरह से ट्यूमर में चला जाता। डॉ. शाह ने बताया कि सर्जरी इतनी जटिल थी कि उसके दैरान सिर की एक-एक परत को खोलकर उसमें से फालतू टिशु को बाहर निकाला गया। इस सर्जरी से ब्रेन स्टेम का हिस्सा सुरक्षित बच गया और 16 दिनों की मासूम को नया जीवन मिल गया।