मथुरा में शनिवार की रात थाना नौहझील क्षेत्र के कस्बा बाजना से गेहूं लेकर दिल्ली जा रहे तीन ट्रकों को सहायक कमिश्नर (वाणिज्य कर) अशोक कुमार ने पकड़ लिया। आरोप है कि वाणिज्य कर और मंडी शुल्क दिए बिना ये ट्रक गेहूं ले जा रहे थे।
ट्रक पकड़े जाने के विरोध में ट्रांसपोर्टर्स व व्यापारियों ने अशोक कुमार पर हमला बोल दिया और उनके साथ मारपीट की। उनकी गाड़ी पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। मामले में सात नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, नामजदगी के विरोध में व्यापारियों ने बाजना में जुलूस निकाला और सोमवार को बाजार बंद करने की चेतावनी दी है।
बताया जा रहा है कि बाजना, नौहझील और आसपास क्षेत्र के कुछ व्यापारी किसानों से कम रेट पर गेहूं खरीद रहे हैं। इस गेहूं को साठ रुपये प्रति क्विंटल के भाड़े पर ट्रांसपोर्टर्स दिल्ली ले जाते है। इसमें भाड़े के अलावा सेल्सटैक्स और मंडी समिति अधिकारियों से गेहूं बचाकर दिल्ली तक ले जाने की बात तय है।
कर चोरी के इस खेल की सूचना पर शनिवार रात एक बजे वाणिज्य कर विभाग के सहायक कमिश्नर अशोक कुमार ने बाजना-नौहझील रोड पर फौजी ढाबा पर खड़े तीन ट्रकों को पकड़ लिया और थाने ले जाने लगे।
इस पर व्यापारी और ट्रांसपोर्टर्स उनसे भिड़ गए। मारपीट के बीच वह किसी तरह से बचकर निकले और इसकी सूचना नौहझील पर दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर ट्रांसपोर्टर्स और व्यापारी फरार हो गए।
अशोक कुमार ने थाने पर जय सिंह, कन्हैया, मनीष, गोविंद, भोला सेठ, मनोज और सौरभ निवासी बाजना पर करीब 25 अन्य के लोगों के साथ मिलकर मारपीट करने और सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि वाणिज्य कर अधिकारी ने बाजना में चेकिंग की सूचना पुलिस को नहीं दी। यही कारण रहा कि उन्हें अकेला देखकर लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
कर चोरी के वाहन निकलने की सूचना पर सहायक आयुक्त ने बाजना में तीन ट्रकों को रोका था। व्यापारियों ने घेराव किया तो बाजना पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन एक घंटे तक वहां कोई नहीं पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में ही वाहनों को जबरन भगाया गया। सारा खेल पुलिस और करापवंचकों की मिलीभगत का है। इस मामले में अधिकारी से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिसे मुख्यालय भेजा जाएगा।
-कमलेश यादव, संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर, एसआईबी व सचल दल, मथुरा