पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि ऐसा करने से न सिर्फ राज्य सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी रुझान को थामने में मोदी मैजिक का सहारा मिलेगा, वहीं पार्टी के एक देश एक चुनाव अभियान को भी मजबूती मिलेगी। दरअसल लोकसभा के साथ ही आंध्रप्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव होंगे। सरकार जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव भी इसी के साथ कराना चाहती है। ऐसे में अगर भाजपाशासित तीन राज्य भी इसमें शामिल हुए तो ऐसे राज्यों की संख्या बढ़ कर 8 हो जाएगी। रणनीतिकारों को लगता है कि वर्ष 2014 के चुनाव की तरह इस चुनाव में भी मोदी मैजिक के सहारे इन राज्यों की चुनावी नैया पार लग जाएगी।