तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के स्टार प्रचारक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना का जिक्र कर सत्तारुढ़ बीआरएस पर निशाना साधा। उनके बयान पर पलटवार करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने भाजपा पर निशाना साधा। तेलंगाना के कोदादा और तुंगतुर्ती में बीआरएस की रैलियों में कांग्रेस-भाजपा पर निशाना साधते हुए सीएम केसीआर ने कहा, यूपी के सीएम अपने ही राज्य में खाने की गारंटी नहीं दे सकते, अब वे खाने की गारंटी पर तेलंगाना आकर वादे कर रहे हैं, उपदेश दे रहे हैं।
यूपी-बिहार और सीएम योगी पर बरसे केसीआर
राव ने सीएम आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, राज्य में कई महान लोग आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश का एक मुख्यमंत्री लुंगी पहनकर यहां आया। उनके राज्य में भोजन की कोई गारंटी नहीं है। वह यहां आकर हमें सबक सिखाते हैं। यूपी, बिहार और बंगाल के खेतिहर मजदूर काम के लिए तेलंगाना आ रहे हैं। वे आजीविका के लिए यहां आ रहे हैं। वे मुख्यमंत्री हमें सबक सिखा रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मुझे इसके बारे में क्या कहना चाहिए?
कांग्रेस पर भी बरसे बीआरएस सुप्रीमो केसीआर
मुख्यमंत्री राव ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का मजाक उड़ाया और कहा कि वह तेलंगाना में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार की पांच घंटे मुफ्त बिजली के बारे में बात कर रहे हैं। किसानों को जहां बीआरएस सरकार किसानों को 24 घंटे का ऑफर देती है। उन्होंने कहा, तेलंगाना प्रगति कर रहा है और प्रति व्यक्ति आय और बिजली जैसे कई मापदंडों में नंबर एक बन गया है।
कांग्रेस का सत्ता में आना बिचौलियों का शासन
केसीआर ने नागार्जुन सागर सिंचाई परियोजना का जिक्र करते हुए कहा, "कांग्रेस नेताओं ने कभी भी सिंचाई परियोजनाओं के बारे में नहीं सोचा था जिससे तेलंगाना के लोगों को फायदा होगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछले 10 साल से तेलंगाना में सत्ता की भूखी है और अगर वह सत्ता में आई तो बिचौलियों का शासन आ जाएगा। सीएम ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात भी किसानों को 24 घंटे मुफ्त बिजली नहीं देता है। उन्होंने कहा, तेलंगाना जो सूखे और पलायन का गवाह था, अब शांति और स्थिरता के कारण विकास देख रहा है।
तेलंगाना के गठन में 15 साल देरी, कांग्रेस पर गंभीर आरोप
कांग्रेस का नाम लिए बिना केसीआर ने आरोप लगाया कि पहले मुसलमानों और दलितों को वोट बैंक समझा जाता था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई लोग वोट मांगने आएंगे और लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना के लोगों को धोखा दिया है। बीआरएस प्रमुख ने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी ने वादा करने के बावजूद राज्य के गठन में 14-15 साल की देरी की। उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं है कि आपने (कांग्रेस) तेलंगाना दिया, बल्कि हमने इसे अर्जित किया।''
खरगे ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया
केसीआर पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस सुप्रीमो मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, तेलंगाना में सत्तारूढ़ बीआरएस और भाजपा मिलकर काम करते हैं। दोनों दलों पर सहयोगी होने का आरोप लगाते हुए खरगे ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ''एक ही सिक्के के दो पहलू'' हैं। संगारेड्डी और मेडक में कांग्रेस की जनसभा के दौरान खरगे ने कहा, इंदिरा गांधी मेडक से चुनी गईं और फिर देश की पीएम बनीं। उन्होंने कहा, यहां के तीन बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम - बीएचईएल, बीडीएल और ऑर्डनेंस फैक्ट्री - इंदिरा गांधी की देन हैं।
डराना चाहती है भाजपा-बीआरएस, कांग्रेसी डरने वाले नहीं
उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने (इन सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से) हजारों लोगों को नौकरियां देकर और एक अलग राज्य बनाकर तेलंगाना को हर तरह से मजबूत किया है, लेकिन मोदी उन्हें बेचने की कोशिश कर रहे हैं। खरगे के अनुसार केंद्र सरकार का समर्थन बीआरएस भी कर रही है। मोदी और केसीआर दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सिक्के के एक तरफ मोदी हैं और दूसरी तरफ केसीआर हैं।" खड़गे ने कहा, दोनों एक जैसे हैं और साथ काम कर रहे हैं और दोनों हमें डराना चाहते हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।
कांग्रेस की सरकार में शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा कानून
उन्होंने कहा, पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हमेशा कांग्रेस के खिलाफ बोलते हैं और अब, बीआरएस नेताओं ने भी कांग्रेस का विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, यूपीए सरकार मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, खाद्य सुरक्षा जैसी कल्याणकारी योजनाएं लेकर आई।
दिग्गजों की रैलियों में बयानों के बाण
दरअसल, पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों का प्रचार जोरों पर है। कांग्रेस-भाजपा और सत्तारूढ़ बीआरएस 30 नवंबर को होने वाले चुनाव से पहले जमकर जनसभाओं का आयोजन कर रही हैं। रैलियों में जमकर बयानों के बाण चल रहे हैं। कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे और सीएम के चंद्रशेखर राव ने 30 अक्तूबर को रैलियां कीं, जबकि भाजपा के स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा एक दिन पहले हुई थी।