मध्यप्रदेश में सपाक्स और जयस के बढ़ते प्रभाव ने भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। इनका प्रभाव कम करने की रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार को सीएम हाउस में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि भाजपा क्षेत्र के प्रतिष्ठित सवर्ण नेताओं और प्रभावी लोगों को पार्टी में शामिल करेगी और उनका समर्थन लेगी। ऐसे ही जयस के लिए आदिवासी नेताओं को भी पार्टी से जोड़ा जाएगा।
इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे के बीच करीब दो घंटे तक मंत्रणा हुई। बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा और रणनीति तैयार करने के लिए नेताओं के बीच मंथन हुआ। साथ ही प्रत्याशियों की सूची जारी करने पर भी विमर्श हुआ।
तीसरा मोर्चा बना चुनौती
भाजपा के लिए कांग्रेस के अलावा तीसरा मोर्चा भी बड़ी चुनौती है। जानकारी के मुताबिक तीनों नेताओं ने सपाक्स, जयस, जीजीपी, बसपा आदि के वोटबैंक पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की। मंगलवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी बैठक के निष्कर्ष की जानकारी दी जाएगी। बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि दावेदारों की सूची फाइनल हो रही है। बड़ी संख्या में सीटों के लिए दावे किए गए हैं। प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी की जाएगी।