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Assembly Election 2026: पीएम पांच अप्रैल से बंगाल में शुरू करेंगे प्रचार, कल गुवाहाटी में रोड शो करेंगे शाह

Fri, 27 Mar 2026 05:38 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़ें..
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चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा लगभग तय हो गई है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री 5 अप्रैल से राज्य में अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उनकी पहली जनसभा उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में प्रस्तावित है, जहां से वे चुनावी संदेश की शुरुआत करेंगे। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह दौरा पूरी तरह पहले चरण की सीटों पर केंद्रित रहेगा। राज्य में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण में उत्तर बंगाल की सभी सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में पार्टी रणनीतिक तौर पर शुरुआत इसी क्षेत्र से कर रही है, ताकि शुरुआती चरण में ही माहौल अपने पक्ष में बनाया जा सके।

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सूत्र बताते हैं कि 5 अप्रैल की रैली के बाद प्रधानमंत्री के अन्य कार्यक्रमों की भी तैयारी चल रही है। पहले चरण के मतदान से पहले वे उत्तर बंगाल के अन्य इलाकों में भी जनसभाएं कर सकते हैं। इसके बाद दूसरे चरण (29 अप्रैल) की सीटों को ध्यान में रखते हुए दक्षिण बंगाल में भी उनकी सभाओं का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। पार्टी स्तर पर उनके कई और दौरों की रूपरेखा बनाई जा रही है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

 ममता सरकार के खिलाफ चार्जशीट पेश करेंगे गृहमंत्री, कई सीटों पर करेंगे प्रचार
 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान तेज हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार देर रात कोलकाता पहुंच चुके हैं और शनिवार को वे ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भाजपा की बहुप्रतीक्षित “चार्जशीट” पेश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक करीब 35 से 40 पन्नों में तैयार इस दस्तावेज में तृणमूल के 15 साल के शासन पर सवाल उठाते हुए 14 प्रमुख क्षेत्रों में कथित विफलताओं और घोटालों का ब्यौरा दिया गया है।
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भाजपा के अनुसार, यह चार्जशीट केवल आरोपों का संकलन नहीं, बल्कि चुनावी नैरेटिव को “भ्रष्टाचार बनाम विकास” के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी पहले ही विधानसभा स्तर पर स्थानीय मुद्दों को लेकर छोटे-छोटे आरोपपत्र जारी कर चुकी है, जिन्हें बूथ स्तर तक पहुंचाया गया। अब राज्य स्तर की यह विस्तृत चार्जशीट पूरे चुनावी विमर्श को प्रभावित करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।

चार्जशीट में भ्रष्टाचार के कई बड़े आरोपों को प्रमुखता दी गई है। इसमें राशन वितरण घोटाला, शिक्षक भर्ती विवाद में हजारों युवाओं की नौकरी जाने, मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड, आवास योजना में कथित कटमनी, चिटफंड और अन्य वित्तीय अनियमितताओं जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है। साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं के खिलाफ अपराध, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक ढिलाई के मुद्दे उठाए गए हैं।
 
आज गुवाहाटी में रोड शो करेंगे अमित शाह, कई सीटों पर करेंगे प्रचार
इस बीच, असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को राज्य पहुंचेंगे और गुवाहाटी में रोड शो के साथ चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। यह रोड शो भाजपा के गुवाहाटी सेंट्रल सीट से उम्मीदवार विजय गुप्ता के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, रोड शो आर्य विद्यापीठ मैदान से शुरू होकर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख इलाकों से गुजरेगा। इसके जरिए भाजपा शहरी मतदाताओं तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। रोड शो के बाद अमित शाह पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे, जिसमें चुनावी रणनीति और बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

चुनाव आयोग को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए- रामदास
पीएमके संस्थापक डॉ. एस. रामदास ने गुरुवार को चुनाव आयोग से अपने बेटे अंबुमणि को पार्टी अध्यक्ष के रूप में मान्यता देने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अंबुमणि को पीएमके के 'आम' चुनाव चिन्ह का उपयोग करने की अनुमति देने के फैसले को विवादास्पद बताते हुए रामदास ने कहा कि चुनाव आयोग को "निष्पक्ष तरीके से" कार्य करना चाहिए। रामदास ने यहां एक बयान में कहा, 'पार्टी पर कब्जा करने वालों के पक्ष में निर्णय लेना लोकतंत्र की हत्या के समान है।'

केरल- महिला विधायक पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
केरल के अलप्पुझा जिला कलेक्टर एवं जिला चुनाव निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में एलडीएफ उम्मीदवार यू प्रतिभा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह आचार संहिता का उल्लंघन है। स्थानीय आईयूएमएल नेता इरशाद ने एक चुनावी कार्यक्रम में प्रतिभा पर विवादित टिप्पणी की थी। घटना के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर पद से हटा दिया। सरकारी बयान के मुताबिक, मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट की जांच के बाद एमसीएमसी ने मामले को जिला स्तरीय समिति को भेजा। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रथमदृष्टया आचार संहिता उल्लंघन पाया गया। वहीं, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने टिप्पणी आपत्तिजनक बताते हुए इसकी निंदा की है।

राहुल में क्षेत्रीय नेता जैसी भी समझ नहीं- विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय नेता हैं, लेकिन सच तो यह है कि उनमें एक क्षेत्रीय नेता जैसी समझ की कमी है। वह किसी भी चीज को साफ तौर पर समझने की कोशिश नहीं करते। अनुभव से नहीं सीखते। ये गुण किसी नेता के लिए उपयुक्त नहीं हैं। कांग्रेस में एक अहम शख्स में इतनी कमी कैसे हो सकती है? दरअसल राहुल व कांग्रेस भाजपा की बी-टीम है। एक दिन पहले राहुल ने दावा किया था कि विजयन के खिलाफ भ्रष्टाचार में कार्रवाई न होना एलडीएफ-भाजपा की मिलीभगत का सबूत है।

असम चुनाव: नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाएंगेः गौरव
असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जनसभा में कहा कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाया जाएगा।

गौरव गोगोई ने कहा कि यह कानून सभी धर्मों-इस्लाम, हिंदू, बौद्ध, ईसाई और सिख—पर समान रूप से लागू होगा और किसी भी तरह की सांप्रदायिक विभाजन फैलाने वाली गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत नफरत फैलाने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून के दायरे में कोई भी व्यक्ति आ सकता है, यहां तक कि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी, यदि वे किसी धर्म के खिलाफ नफरत फैलाते पाए जाते हैं, तो उन्हें भी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, जिसमें पांच साल तक की जेल का प्रावधान शामिल हो सकता है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना और कानून के शासन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा, इस तरह का कदम समाज में बढ़ते ध्रुवीकरण को रोकने और सभी समुदायों के बीच विश्वास कायम करने में मदद करेगा। यह बयान असम में जारी चुनावी माहौल के बीच आया है, जहां विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों और एजेंडों के साथ मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।

असम चुनाव 2026: 722 उम्मीदवार मैदान में, नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस चुनाव को लेकर अब मुकाबला और स्पष्ट हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पहले कुल 815 उम्मीदवारों ने राज्यभर में 1,389 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इसके बाद जांच (स्क्रूटनी) की प्रक्रिया में 789 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए पात्र पाया गया। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक 67 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद अंतिम रूप से 722 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं। इस तरह अब सभी सीटों पर बहुकोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है। राजनीतिक दल अब अंतिम सूची के आधार पर अपनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं। उम्मीदवारों की संख्या और विभिन्न दलों की मौजूदगी के चलते कई सीटों पर कड़ा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

सत्तारूढ़ डीएमके ने एआईएडीएमके महासचिव ईके पलानीस्वामी की ओर से गठबंधन सहयोगियों पर की गई टिप्पणी की तीखी आलोचना की। वरिष्ठ नेता और परिवहन मंत्री एसएस शिवशंकर ने कहा कि अन्नाद्रमुकका भविष्य भी बिहार में नीतीश कुमार, महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी जैसा होगा, जिन्हें भाजपा ने गठबंधन में साथ रहते हुए निगल लिया। शिवशंकर ने कहा कि पलानीस्वामी ने तमिलनाडु में भाजपा के कमल को जरूरत से ज्यादा जगह दे दी है, जो पहले नोटा से भी नीचे था। उन्होंने तंज कसा कि एआईएडीएमके के कई सहयोगी दल अब भाजपा के चुनाव चिह्न पर लड़ रहे हैं।
 

कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की सूची

कांग्रेस ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव प्रचार के लिए अपने स्टार प्रचारक की सूची जारी की है। इसमें केरल, असम, पुद्दुचेरी में प्रचार की कमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुनखरगे, सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल, वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा संभालेंगे। सोनिया सिर्फ केरल और पुद्दुचेरी में प्रचार के लिए जाएंगी।
स्टार प्रचारकों में पी चिदंबरम, सिद्धरमैया, डीके शिवाकुमार, जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। 40 स्टार प्रचारक को वाली इस सूची में राष्ट्रीय स्तर के सभी बड़े नेताओं को शामिल किया गया है। इस बार कांग्रेस का लक्ष्य मजबूत प्रचार के माध्यम से चुनावी राज्यों में अपनी पकड़ को मजबूत करना और कम से कम 2 से 3 राज्यों में पार्टी की वापसी करना है। यही वजह है कि 40 स्टार प्रचारकों को बड़े पैमाने पर प्रचार कार्य में लगाया गया है। इसमें इन नेताओं की रैलियां, जनसभाएं, रोड शो के साथ-साथ नुक्कड़ सभाएं भी शामिल हैं। इस संदर्भ में कांग्रेस के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी ने शशि थरूर को भी प्रचार सूची में शामिल किया है। प्रचारकों की सूची में पंजाब से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सरदार अमरिंदर सिंह वेडिंग, तथा भारतीय किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा को भी शामिल किया गया है।
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ममता पर सीआरपीएफ जवानों को धमकाने का आरोप 
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को सार्वजनिक रूप से धमकाते हुए सुना जा सकता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने इस पर बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ममता ने बृहस्पतिवार को दार्जिलिंग के नक्सलबाड़ी में एक जनसभा को संबोधित किया था।
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