मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कई अहम जानकारियां दी। देश में दोबारा तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच यह स्पष्ट किया गया कि चुनावी ड्यटी पर लगे हर कर्मचारी का कोविड-19 का टीकाकरण किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चुनावी ड्यूटी पर तैनात हर कर्मी को टीकाकरण के मकसद से अग्रिम मोर्चा का कार्यकर्ता घोषित किया है। कोरोना दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मतदान के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। संवेदनशील इलाकों के मतदान केंद्रों में वेबकास्टिंग की व्यवस्था रहेगी और उपुयक्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी। पांचों विधानसभा चुनावों में ऑनलाइन नामांकन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। घर-घर अभियान में उम्मीदवार सहित पांच से अधिक व्यक्ति नहीं होंगे। रोड शो में पांच से अधिक गाड़ियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोरोना संक्रमण काल में इससे पहले बिहार विधानसभा का चुनाव संपन्न हुआ था।
चार राज्यों व केंद्र शासित पुडुचेरी को मिलाकर कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न चरणों में मतदान होगा और इस दौरान कुल 18.68 करोड़ मतदाता 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान कर सकेंगे। पश्चिम बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में जबकि असम में 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में मतदान संपन्न होगा। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में छह अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।