चुनाव आयोग ने लोकसभा के साथ ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी कराने का फैसला किया है। इसके लिए तारीखों का एलान कर दिया गया है। कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन आयोग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सूबे में चुनाव का एलान नहीं किया।
आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल में विधानसभा चुनाव के लिए एक चरण में 11 अप्रैल को मतदान होगा। ओडिशा विधानसभा के लिए 11, 18, 23 और 29 अप्रैल को चार चरणों में मतदान होगा। चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति को देखते हुए फिलहाल विधानसभा चुनाव नहीं कराने का फैसला किया है। आयोग ने कहा कि राज्य सरकार और गृह मंत्रालय ने राज्य में फिलहाल विधानसभा चुनाव नहीं कराने का फैसला किया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि अलग-अलग जानकारियों, हाल में हुई हिंसा, उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाबलों की जरूरत, केंद्रीय बलों और रसद की उपलब्धता समेत कई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर में केवल संसदीय चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा नहीं होने से भड़के नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने कई ट्वीट कर गुस्सा निकाला।
अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग और गृह मंत्री राजनाथ सिंह पर अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1996 के बाद पहला मौका है जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि सूबे के हालात को लेकर केंद्र सरकार के दावे की हवा निकल गई। केंद्र ने खुद स्वीकार कर लिया है कि सूबे में हालात नियंत्रण से बाहर हैं।
नाकाम हो गया 56 इंच का सीना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकियों के सामने हार मान ली है। आज 56 इंच का सीना नाकाम हो गया है। - उमर अब्दुल्ला,