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कर्नाटक ने बनाया अपना अलग झंडा, केंद्र की मंजूरी का इंतजार

Thu, 08 Mar 2018 09:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य ध्वज का अनावरण कर दिया। लाल, सफेद और पीले रंग वाले इस आयताकार ध्वज को ‘नाद ध्वज’ नाम दिया गया है। ध्वज के बीचों-बीच राज्य का प्रतीक दो सिरों वाला पौराणिक पक्षी ‘गंधा भेरुण्डा’ भी है। इसी के साथ राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिद्धारमैया ने कन्नड अस्मिता का बड़ा दांव खेल दिया है। हालांकि केंद्र द्वारा मंजूरी मिलने के बाद ही आधिकारिक रूप से यह कर्नाटक का राजकीय झंडा कहलाएगा।

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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीएम सिद्धारमैया ने कन्नड अस्मिता का दांव खेला

कन्नड समर्थक संगठनों, कार्यकर्ताओं और साहित्यिक जगत के लोगों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता के बाद सिद्धारमैया ने ध्वज का अनावरण किया, जहां उन्होंने सर्वसम्मति से झंडे के डिजाइन को मंजूरी दी। पिछले साल राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति ने कर्नाटक के लिए अलग ध्वज की सिफारिश की थी, इसके लिए संवैधानिक या कानूनी बाधाओं में छूट दी गई थी।

इस अवसर पर सिद्धारमैया ने कहा, ‘कन्नड बोलने वाले लोगों के गौरव के प्रतीक के रूप में राज्य के लिए एक ध्वज का फैसला लिया गया है। यह कन्नड लोगों की आवाज होगा। यह कन्नड गर्व का चिन्ह है और एक ऐतिहासिक फैसला भी। हम इसे जल्द ही केंद्र की मंजूरी के लिए भेजेंगे।’
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वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र इसे मंजूरी देगा, उन्होंने कहा कि संविधान में यह नहीं कहा गया है कि राज्य का अपना झंडा नहीं हो सकता। इसलिए हमें विश्वास है कि केंद्र इसे मंजूरी दे देगा।

जम्मू-कश्मीर के पास है अपना झंडा

देश में अभी तक संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को ही ये विशेष दर्जा हासिल है कि उसके पास खुद का ध्वज है। इसके अलावा किसी और राज्य के पास अपना अलग झंडा नहीं है। यदि कर्नाटक के झंडे को केंद्र से मंजूरी मिल गई तो अलग ध्वज वाला कर्नाटक देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।

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