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डॉक्टरों से मारपीट का मामला: पार्षद समेत चार आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने सभी को पुलिस हिरासत में भेजा

Fri, 10 Jul 2026 04:36 PM IST
Asmita Tripathi पीटीआई, ठाणे

सार

ठाणे के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को अदालत ने 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। वायरल वीडियो के बाद मामला दर्ज हुआ। 
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शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पुलिस हिरासत में - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। म्हात्रे को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया, जबकि इस घटना में शामिल उनके तीन साथियों को एक दिन पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।

क्या है पूरा मामला?

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एक वायरल वीडियो में सोमवार शाम कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में म्हात्रे को चिकित्सा अधिकारी डॉ. वैभव सालुंखे को थप्पड़ मारते और मुक्का मारते और रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. सृष्टि बाविस्कर को उनके हाथ पर मारते हुए दिखाया गया, जिससे बड़े पैमाने पर आक्रोश फैल गया।

पुलिस ने अदालत से क्या अनुमति मांगी?
बुधवार को गिरफ्तारी के बाद, म्हात्रे ने सीने में दर्द की शिकायत की और बाद में उन्हें ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पहले वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उसे पेश करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी। हालांकि, कल्याण स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के.एस. कटकाडे ने अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और पुलिस को उसे व्यक्तिगत रूप से पेश करने का निर्देश दिया।

म्हात्रे को दोपहर के भोजन के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल से अदालत ले जाया गया। अदालत परिसर में भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और अदालत कक्ष पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने चारों आरोपियों को 13 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

कई धारा में मामला दर्ज

चारों आरोपियों के साथ-साथ एक महिला समर्थक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), 121(1) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(1) (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 189(2) (गैरकानूनी सभा) और 191(2) (दंगा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद, म्हात्रे पर जिन दो डॉक्टरों पर हमला करने का आरोप है, उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है।

 

 

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