असम आंदोलन के शहीदों के परिजनों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में सम्मान लौटाने का फैसला लिया है। इस कदम ने 2015 के अवार्ड वापसी अभियान की याद दिला दी है। सदोऊ असम जातीया शहीद परियाल सम्मानराखी परिषद ने कार्यकारी बैठक में सम्मान लौटाने का संकल्प लिया। संगठन के अध्यक्ष राजेन डेका और सचिव चंद्रकांता तालुकदार ने बताया कि हमने असम सरकार द्वारा 10 दिसंबर 2016 को दिए गए सम्मान को लौटाने का फैसला लिया है। हम यह काम 31 जनवरी से पहले करेंगे।