मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक की। कैबिनेट बैठक में बराक घाटी के करीमगंज जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। इस जिले को अब श्रीभूमि के नाम से जाना जाएगा।
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि, 100 साल पहले कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर ने असम में आधुनिक करीमगंज जिले को 'श्रीभूमि' मां लक्ष्मी की भूमि के रूप में वर्णित किया था। आज असम कैबिनेट ने लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा कर दिया है।
सरमा ने कहा कि करीमगंज का नाम बदलने का कदम जिले के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम उन नामों को बदलना जारी रखेंगे जिनका कोई शब्दकोश संदर्भ या कोई अन्य ऐतिहासिक साक्ष्य नहीं है। हम लंबे समय से ऐसा कर रहे हैं और यह एक सतत प्रक्रिया है।
कैबिनेट के फैसले
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि, असम कैबिनेट ने आज असम निवेश और बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी सहमति दे दी है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि, असम कैबिनेट ने आज 30 दिसंबर से पहले पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची प्रकाशित करने का फैसला किया है। अगर 30 दिसंबर तक मतदाता सूची प्रकाशित हो जाती है, तो हम 10 फरवरी, 2025 तक पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पंचायत चुनाव की तारीख जनवरी, 2025 के पहले सप्ताह के भीतर घोषित की जाएगी।