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Assam Rifles: असम राइफल में 'सेकेंड-इन-कमांड' को अब बोलेंगे 'एडिशनल कमांडेंट', BSF-CRPF में भी बदलेगी रैंक

सार

Assam Rifles: असम राइफल 'एआर' ने टूआईसी की जगह 'एडिशनल कमांडेंट' पद नाम करने को अपनी सहमति दी है। इसी आधार पर गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सीआईएसएफ में पहले ही टूआईसी और कमांडेंट को अलग पदनाम दिए गए हैं। इस बल में टूआईसी को कमांडेंट कहा जाता है...
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assam rifles - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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असम राइफल में 'सेकेंड-इन-कमांड' पद का नाम बदल दिया गया है। अब इस पद को 'एडिशनल कमांडेंट' बोला जाएगा। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद बीएसएफ व सीआरपीएफ में भी इस रैंक का नाम बदले जाने की चर्चा है। जैसे ही बल द्वारा नाम बदलने की फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी, वहां से तुरंत नए पदनाम का आदेश जारी हो जाएगा। यह प्रस्ताव सीआरपीएफ की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा गया था। पदनाम बदलने के पीछे यह कारण बताया गया है कि इसे बोलने में उन्हें दिक्कत आती है। साथ ही सामने वाला इसे ठीक से समझ भी नहीं पाता। वह पलट कर पूछता है कि ये कौन सा पद है और किस रैंक के पहले या बाद में आता है।

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गृह मंत्रालय को टूआईसी या 'सेकेंड-इन-कमांड' का पदनाम बदलने के लिए सबसे पहले सीआरपीएफ की तरफ से प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद मंत्रालय ने दूसरे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) से भी इस विषय में सुझाव मांगे थे। असम राइफल्स (एआर) को भी सुझाव देने के लिए कहा गया। सीआरपीएफ ने अपने सुझाव में 'सेकेंड-इन-कमांड' पद का नाम बदल कर उसे 'अतिरिक्त कमांडेंट' किए जाने की बात कही। हालांकि अभी तक इस विषय में मंत्रालय को कोई ठोस सुझाव नहीं भेजा गया है। इस संबंध में बल के कई अफसरों से चर्चा की गई है।
 

 

असम राइफल 'एआर' ने टूआईसी की जगह 'एडिशनल कमांडेंट' पद नाम करने को अपनी सहमति दी है। इसी आधार पर गृह मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सीआईएसएफ में पहले ही टूआईसी और कमांडेंट को अलग पदनाम दिए गए हैं। इस बल में टूआईसी को कमांडेंट कहा जाता है। यह डिप्टी कमांडेंट नाम से अगला पद है। कमांडेंट को वहां पर सीनियर कमांडेंट का नाम दिया गया है। असम राइफल और सीआईएसएफ को छोड़कर अन्य बलों में टूआईसी और कमांडेंट का पद ही चलन में है।

 

सामान्य तौर से असम राइफल्स और सीएपीएफ में सेकंड-इन-कमांड का रैंक राज्य पुलिस बलों में एसपी यानी अधीक्षक रैंक का होता है। राज्य पुलिस में डीएसपी के बाद एसपी का पद मिलता है, लेकिन सीएपीएफ में ऐसा नहीं है। यहां पर सहायक कमांडेंट 'एसी' का पद भले ही डीएसपी के समान होता है, लेकिन पदोन्नति के मोर्चे पर वे पिछड़ जाते हैं। इन बलों में 'एसी' के बाद डिप्टी कमांडेंट की पदोन्नति मिलती है। उसके बाद टूआईसी का नंबर आता है। इससे अगली परमोशन कमांडेंट के पद पर होती है। कमांडेंट बनने में इन्हें 25-26 साल लग जाते हैं।

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