असम राइफल्स को उनकी सुरक्षित निकासी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बल की 5वीं बटालियन को दलाई लामा और उनके दल को अरुणाचल प्रदेश के माध्यम से असम में सुरक्षित लाने का काम सौंपा गया था।
आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा के अपनी मातृभूमि तिब्बत से भारत भागने के 65 साल पूरे होने पर असम राइफल्स ने शनिवार को अपने छह दशक के उनके जुड़ाव को याद किया। असम राइफल्स को उनकी सुरक्षित निकासी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बल की 5वीं बटालियन को दलाई लामा और उनके दल को अरुणाचल प्रदेश के माध्यम से असम में सुरक्षित लाने का काम सौंपा गया था।
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लामा ने 31 मार्च, 1959 को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। अर्धसैनिक बल ने कहा, 1959 में 5वीं असम राइफल्स की ओर से दलाई लामा की भारत में सुरक्षित पहुंच भारत और तिब्बत के साझा इतिहास में एक हृदयस्पर्शी अध्याय है, जो दोस्ती, समर्थन और मानवतावाद की स्थायी भावना का प्रतीक है। दलाई लामा के साथ संबंध वर्षों से जारी हैं। उन्हें सुरक्षित भारत लाने वाले बल के दल को 'दलाई लामा बटालियन' कहा जाता है।