असम राइफल्स ने महिला आईपीएस अधिकारी के छेड़छाड़ और मारपीट के आरोपों को खारिज कर दिया है। असम राइफल्स ने एक बयान जारी कर कहा, सभी आरोप बेबुनियाद, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण हैं। असम राइफल्स ने कहा, महिला अफसर ने म्यांमार से लाई संदिग्ध चीजें छिपाने के लिए हमारे राइफलमैन पर छेड़खानी और मारपीट का आरोप लगाया। असम राइफल्स ने निष्पक्ष जांच और सुनवाई का भरोसा दिलाया है।
दरअसल, महिला अफसर ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि मणिपुर के तेंगनुपाल में मोरेह कस्बे के पास एक जांच चौकी में असम राइफल्स के एक राइफलमैन ने मेरे साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। जब मेरे सुरक्षाकर्मियों ने दखल देने की कोशिश की तो राइफलमैन ने उन्हें भी खदेड़ा। उसने मेरे खिलाफ अश्लील टिप्पणी और गाली-गलौच की। इतना ही नहीं, जब मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करना चाहा तो मेरा फोन छीनने का प्रयास भी किया गया।’
महिला अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने राइफलमैन पीके पांडे के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे तलब किया है। राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने कहा था कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच चल रही है।