असम राइफल्स डीजी पीसी नायर ने कहा कि वीडियो प्रसारित करने वालों का हिडन एजेंडा यह है कि सुरक्षा बल सिर्फ क्षेत्र में परेशानी पैदा कर रहे हैं और अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां मणिपुर के वीडियो दिखाए गए हैं, उनमें कुछ हिस्सों को क्लिप कर दिया गया है। वीडियो में वास्तविक घटना को छिपाकर कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर ने कहा कि मणिपुर में अत्याचारों को दर्शाने वाले अधिकांश वीडियो छेड़छाड़ किए गए हैं। इनका उत्तर-पूर्व से संबंध भी नहीं है। उन्होंने कहा, मेरे पास लगभग 30 से 40 वीडियो हैं, जिन्हें प्रसारित किया जा रहा है। वे पूर्वोत्तर के नहीं हैं। वे म्यांमार से हैं। उनमें से कुछ रोहिंग्या क्षेत्र से हैं।
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डीजी ने कहा कि वीडियो प्रसारित करने वालों का हिडन एजेंडा यह है कि सुरक्षा बल सिर्फ क्षेत्र में परेशानी पैदा कर रहे हैं और अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां मणिपुर के वीडियो दिखाए गए हैं, उनमें कुछ हिस्सों को क्लिप कर दिया गया है। वीडियो में वास्तविक घटना को छिपाकर कहानियां गढ़ी जा रही हैं। नायर ने कहा कि असम राइफल्स उसे दी जाने वाली किसी भी तरह की भूमिका के लिए लगातार तैयार है। हालांकि, उन्होंने उपकरणों में आधुनिकीकरण की आवश्यकता भी बताई।
उन्होंने कहा, बल को हथियारों को आधुनिक बनाने, नए उपकरण, ड्रोन, नवीनतम नाइट विजन डिवाइस, रडार, निगरानी उपकरण, हथियार, बुलेट प्रूफ वाहन जैसी चीजों को प्राप्त करने की आवश्यकता है। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि उन्होंने असम राइफल्स के लिए एक निश्चित भूमिका की कल्पना की है। इसलिए उन्होंने एक आधुनिकीकरण योजना और वार्षिक खरीद योजना तैयार की है। हालांकि, भविष्य में जो कुछ भी होता है, उसके आधार पर उनकी भूमिका बदल सकती है। क्योंकि देश के किस हिस्से में कल क्या होने वाला है, इसके बारे में कोई कुछ नहीं कह सकता। लेकिन हम कोई भी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं और सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने के लिए तैयार हैं, जैसा कि हम परंपरागत रूप से करते आए हैं।