असम राइफल्स ने शहीद हवलदार हंगपन दादा की 10वीं पुण्यतिथि पर अरुणाचल प्रदेश में भव्य बाइक रैली का आयोजन किया। इस दौरान जवानों और स्थानीय लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सैनिक को याद किया।
Assam Rifles: असम राइफल्स की खोंसा बटालियन ने अरुणाचल प्रदेश के वीर सपूत शहीद हवलदार हंगपन दादा की 10वीं पुण्यतिथि पर एक विशेष बाइक रैली का आयोजन किया। इस रैली में सुरक्षा बल के जवानों के साथ स्थानीय युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया।
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यह गौरवशाली बाइक रैली देवमाली हेलिपैड से शुरू हुई और तिरप जिले के बोर्डुरिया स्थित शहीद स्मारक पर जाकर संपन्न हुई। इस कार्यक्रम में असम राइफल्स के जवानों, स्थानीय युवाओं और नागरिकों सहित लगभग 70 लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे मार्ग में लोगों ने रैली का स्वागत किया और शहीद सैनिक के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कौन थे हवलदार हंगपन दादा?
हवलदार हंगपन दादा भारतीय सेना के उन जांबाज सैनिकों में से थे, जिन्होंने देश की सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया था। आज भी उनकी बहादुरी की कहानियां पूर्वोत्तर के राज्यों और देशभर के युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करती हैं।
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कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने शहीद की वीरता को याद किया। असम राइफल्स के अधिकारियों ने कहा, 'हवलदार हंगपन दादा का जीवन साहस और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देश की निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा देता रहेगा।' अधिकारियों ने आगे कहा, 'सशस्त्र बलों के जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा करते हैं। ऐसे वीर सैनिकों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।'