असम राइफल्स ने बच्ची को किया एयरलिफ्ट
- फोटो : अमर उजाला
दिल को छू लेने वाले एक रेस्क्यू ऑपरेशन में, असम राइफल्स ने मणिपुर के कामजोंग ज़िले के एक दूरस्थ गाँव, ग्रिहांग से दो साल की बच्ची चुइशुत का आपातकालीन चिकित्सा निकासी (मेडिकल इवैकुएशन) किया। बच्ची के माता-पिता, भावुक होकर आंखों में आंसू लिए बोले, हमें लगा था कि हम अपनी बेटी को खो देंगे लेकिन असम राइफल्स ने उसे हमें वापस लौटा दिया।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कोहिमा में बताया सोमवार सुबह बच्ची खेलते हुए एक पानी की टंकी में गिर गई थी। यह स्थान राज्य के सबसे दुर्गम इलाकों में से एक है, जहां संचार के साधन बेहद सीमित हैं और समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाना लगभग असंभव माना जाता है।
असम राइफल्स के जवान
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जैसे ही असम राइफल्स को मदद की सूचना मिली, वे तुरंत मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बच्ची को प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया गया और फिर उसे एयरलिफ्ट करने के लिए सेना के हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई। तमाम कठिनाइयों के बावजूद, बेहतरीन समन्वय के चलते कुछ ही घंटों में बच्ची को इंफाल स्थित असम राइफल्स मिलिट्री हॉस्पिटल में विशेषज्ञ देखभाल के लिए पहुंचाया गया।
असम राइफल्स
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मिलिट्री हॉस्पिटल में विशेषज्ञ बाल रोग चिकित्सकों ने बच्ची की जान बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। समय पर पहुंची मदद ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया—थोड़ी भी देर होती, तो बच्ची की जान जा सकती थी।बच्ची के माता-पिता, भावुक होकर आंखों में आंसू लिए बोले, हमें लगा था कि हम अपनी बेटी को खो देंगे... असम राइफल्स ने उसे हमें वापस लौटा दिया।
प्रवक्ता ने कहा, असम राइफल्स का यह साहसी और नि:स्वार्थ कार्य एक बार फिर यह दर्शाता है कि यह बल केवल रक्षक नहीं, बल्कि उत्तर-पूर्व के सुदूर क्षेत्रों में मानवता के सच्चे संरक्षक भी हैं। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उनकी तत्परता स्थानीय समुदायों में गहरा विश्वास जगाती है।