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Politics: पवन खेड़ा मामले में जल्द दाखिल होगी चार्जशीट, सहयोग पर निर्भर करेगी जांच की गति; CM हिमंत की टिप्पणी

Wed, 13 May 2026 06:37 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा मामले में पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी, बशर्ते जांच में पूरा सहयोग मिले। मामला फर्जी दस्तावेजों के आरोपों से जुड़ा है।
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हिमंत बिस्व सरमा, पवन खेड़ा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से जुड़े मामले में असम पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल कर सकती है। यह जानकारी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने दी। उन्होंने कहा कि जांच की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करने की कोशिश की जा रही है, बशर्ते आरोपी पूरा सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बुधवार को पवन खेड़ा गुवाहाटी क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए और जांच में सहयोग किया। बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानून का पालन करेंगे। इस दौरान जांच टीम उनसे सवाल-जवाब करेगी और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

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'सहयोग मिला तो जांच होगी तेजी से पूरी'
सीएम सरमा ने कहा कि जांच की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि पवन खेड़ा कितना सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा "अगर सहयोग जारी रहता है तो चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है, लेकिन अगर सहयोग नहीं मिलता है तो समय लग सकता है।" हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहती है।

फर्जी दस्तावेजों के आरोपों पर जांच
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले पवन खेड़ा द्वारा प्रस्तुत कुछ दस्तावेजों की जांच में उन्हें फर्जी पाया गया है। यह सत्यापन विदेश मंत्रालय (MEA) की जांच के बाद सामने आया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल करेंगी कि कथित फर्जी दस्तावेज कैसे और किस उद्देश्य से सार्वजनिक किए गए।
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सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक चली कानूनी प्रक्रिया
इस मामले में पहले पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए कहा कि असम की अदालतें स्वतंत्र रूप से मामले की सुनवाई करें। इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह सिर्फ मानहानि का मामला नहीं है, बल्कि इसमें कस्टोडियल पूछताछ की जरूरत हो सकती है।

मामला क्या है?
यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पवन खेड़ा ने उनके खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर गलत और भ्रामक बयान दिए थे, जिनमें विदेशी पासपोर्ट और वित्तीय हितों के आरोप शामिल थे।
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