असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तान समर्थक रुख अपनाने के आरोप में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्य में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 11 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
'भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समानता नहीं'
CM सरमा ने गुवाहाटी में भाजपा कार्यालय में एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच कोई समानता नहीं है। दोनों देश दुश्मन देश हैं और हमें ऐसे ही रहना चाहिए।' उन्होंने कहा कि कृषक मुक्ति संग्राम समिति के एक नेता को शुक्रवार को उनकी 'भारत विरोधी टिप्पणी' के लिए गिरफ्तार किया गया था और जो कोई भी ऐसा रुख अपनाएगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
'अगर जरूरत पड़ी तो हम उन पर एनएसए के प्रावधान लगाएंगे'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो हम उन पर एनएसए के प्रावधान लगाएंगे। हम सभी (सोशल मीडिया) पोस्ट की जांच कर रहे हैं और जो भी हमें राष्ट्र विरोधी लगेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'
शुक्रवार रात श्रीभूमि जिले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया
सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शुक्रवार रात श्रीभूमि जिले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया। आरोपी ने फेसबुक पर 'पाकिस्तान जिंदाबाद' लिखा था। सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि कछार जिले में इसी तरह के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम सहित दो लोगों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम सहित दो लोगों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया, जबकि शुक्रवार को राज्य भर में छह और गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, 'असम किसी भी ऐसे व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगा जो पहलगाम में हुए जघन्य हमले के सिलसिले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान का समर्थन या बचाव करता हो।'
कहां से कितनी गिरफ्तारी
उन्होंने कहा कि पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो कछार जिले के सिलचर से और एक-एक हैलाकांडी, मोरीगांव, नागांव, शिवसागर, बारपेटा और विश्वनाथ से हैं। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में प्रमुख पर्यटन स्थल बैसरन पर मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए थे।