असम की हिमंत बिस्वा सरकार राज्य के सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक बिहू उत्सव को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी क्रम में असम सरकार 11,000 से भी ज्यादा कलाकारों के साथ बिहू उत्सव आयोजित कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना चाहती है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को इसका एलान किया है। उन्होंने यह भी बताया कि 14 अप्रैल को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होगें।
सभी राज्यों के राज्यपाल और सीएम को भेजा जाएगा निमंत्रण
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान असम के सीएम ने यह भी कहा कि वे इस कार्यक्रम में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि हम भारत के सभी राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित करेंगे। हमारे मंत्री उन्हें आमंत्रित करने के लिए 20 से 30 मार्च तक विभिन्न राज्यों की यात्रा करेंगे।
उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है और अपनी आजादी का अमृत वर्ष मना रहा है ऐसे में, जी20 देशों और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के सभी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी इस शानदार कार्यक्रम को देखने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में 11,140 कलाकार लेंगे हिस्सा
भव्य बिहू कार्यक्रम को लेकर असम के सीएम ने यह भी बताया कि इसमें कुल मिलाकर 11,140 नर्तक और ढोल वादक हिस्सा लेंगे। इसमें असम के सभी जिलों के प्रतिभागी अपना योगदान देंगे। इसके लिए लड़के और लड़कियों का अनुपात 30:70 का होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को सीमित नर्तकों के साथ बिहू नृत्य का एक नमूना वीडियो पहले ही भेज दिया है।
प्रतिभागियों को दिया जाएगा 10,500 रुपये भत्ता
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि अगर हम इसे योजना के अनुसार कर सकते हैं, तो यह एक ही स्थान पर सबसे बड़ा बिहू नृत्य होगा। इस नृत्य की अवधि 15 मिनट होगी। इसके लिए सभी प्रतिभागियों को 10,500 रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। ताकि वे इससे नृत्य के लिए दो जोड़ी पोशाक खरीद लें।
हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी आगे की योजना बताते हुए यह भी कहा कि अगले साल से राज्य सरकार नगालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव के अनुरूप शिवसागर और गुवाहाटी में सात दिवसीय बिहू उत्सव का आयोजित भी करेगी। सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम को असम के कैलेंडर कार्यक्रम के रूप में शामिल किया जाएगा।