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असम: जालुकबारी सीट पर है हेमंत बिस्व सरमा की प्रतिष्ठा दांव पर, जानिए क्या है इतिहास

Sun, 02 May 2021 08:16 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जालुकबारी विधानसभा सीट असम की अहम सीट है। यहां 2016 के चुनाव में भाजपा के हेमंत बिस्व सरमा जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के रमनचंद्र बोरठाकुर से है। इस बार कौन होगा विजेता यह थोड़ी देर में पता चल जाएगा। 
 
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जालुकबारी में हेमंत बिस्व सरमा का कांग्रेस के रमनचंद्र बोरठाकुर से मुकाबला - फोटो : amar ujala graphic
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विस्तार
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जालुकबारी विधानसभा सीट असम की अहम सीट है। यहां 2016 के चुनाव में भाजपा के हेमंत बिस्व सरमा जीते थे। इस बार उनका मुकाबला कांग्रेस के रमनचंद्र बोरठाकुर से है। इस बार कौन होगा विजेता यह थोड़ी देर में पता चल जाएगा। 
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जालुकबारी विधानसभा सीट गुवाहाटी के अंतर्गत आती है। इस संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं भाजपा के क्वीन ओझा। उन्होंने कांग्रेस के बोबीता शर्मा को 345606 से हराया था।

2016 में यहां 85 फीसदी वोटिंग हुई थी। हेमंत बिस्वा सरमा ने नरेन डेका को 85935 वोटों से हराया था। डेका को 32,455 वोट मिले थे जबकि नोटा 1074 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर था। इस बार कांग्रेस ने रमनचंद्र बोरठाकुर को मैदान में उतारा है।
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कद्दावर नेता हेमंत बिस्वा शर्मा
बीते असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत का श्रेय मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को जाता है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का कमल थामने वाले हेमंत बिस्व सरमा भी पार्टी की जीत के पुरोधा बने। भाजपा ने उन्हें असम में प्रचार  की कमान सौंपी और उन्होंने करिश्मा कर दिखाया। 

किसी समय कांग्रेस में रहे थे सरमा
पूर्व में सरमा असम कांग्रेस में प्रभावशाली नेता थे। वे तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहे थे। सरमा के साथ कई और कांग्रेस विधायक भी भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने उन्हें जालुकबारी सीट से टिकट दिया था।
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