माता-पिता की उपेक्षा करने वाली संतानों को अब उनकी यह बेरुखी भारी पड़ सकती है, पूर्वोत्तर की आसाम सरकार इस दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने पहले बजट में ऐसी व्यवस्था की है कि माता-पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारी से भागने वाली संतानों को अगर वह सरकारी कर्मचारी हैं तो अपनी तनख्वाह में कटौती झेलनी पड़ सकती है।
राज्य के वित्त मंत्री हेमंत सरमा द्वारा पेश पहले बजट में इन्फ्रास्टक्चर और ग्रामीण विकास के बजाय सारा ध्यान किसानों, युवाओं और महिलाओं के विकास पर दिया गया है। इस दौरान सरमा ने घोषणा की कि जो सरकारी कर्मचारी अपने माता पिता की देखभाल करने में असफल रहेंगे उनकी तनख्वाह में कटौती की जाएगी।
सरमा ने बताया कि जो कर्मचारी सरकार के अधीन विभागों में, राज्य पीएसयू और सरकारी कंपनियों में नौकरी करते हैं उनसे उम्मीद की जाती है वो अपने माता पिता के प्रति जिम्मेदार रहें। जिन मामलों में सरकारी कर्मचारी इस जिम्मेदारी से बचते हैं, उसमें प्रस्तावित कानून के तहत उनकी सेलरी का एक हिस्सा काटकर उनके माता पिता को दिया जा सकता है।