मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेृत्तव वाली असम सरकार ने प्रोजेक्ट सद्भावना के बाद एक नए प्रोजेक्ट को शुरू करने का फैसला किया है। सरकार ने इसे प्रोजेक्ट आहरण नाम दिया है। सरकार का कहना है इसके द्वारा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब छात्र-छात्राओं का उज्जवल भविष्य के लिए मार्गदर्शन करते हुए उनके कौशल को सुधारा जाएगा। असम सरकार इस प्रोजेक्ट को टाटा ग्रुप के सहयोग से मिलकर करेगी।
इस प्रोजेक्ट के बारे में आज यानी गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने टाटा स्ट्राइव की सीईओ अनीता राजन से मुलाकात कर टाटा ग्रुप से सहयोग की बात कही। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा ने ट्वीट कर इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। असम सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी साझा की है।
असम सरकार ने माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों की एक श्रृंखला शुरू की है। इसी के तहत ' प्रोजेक्ट आरोहण', एक ऐसी पहल है, जो दूरस्थ, ग्रामीण और गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान और उनके शैक्षिक करियर की निगरानी करेगा ।
आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी में बताया गया है कि ये चार वर्षीय कार्यक्रम दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब छात्रों के लिए है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों का मार्गदर्शन करना है। इसके अलावा इसमें इन छात्रों के कौशल विकास के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले असम सरकार ने प्रोजेक्ट सद्भावना के तहत राज्य सरकार सचिवालय में पड़ी चार से पांच लाख फाइलों का निपटारा करने की बात कही थी। इस प्रोजेक्ट को 1 फरवरी 2022 से शुरू किया गया है। हिमंता बिस्वा ने कहा था कि हम एक फरवरी से सद्भावना नामक एक नई परियोजना के तहत सचिवालयों में लंबित फाइलों को एक साल के अंदर निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक साल के अंदर हम चार से पांच लाख फाइलों को निपटारा करेंगी। असम के सीएम ने कहा कि यह कदम नागरिक केंद्रित शासन की दिशा में एक कदम है और शासन को लोगों के दरवाजे तक ले जाएगा।