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Assam Flood: असम में बाढ़ का कहर कब थमेगा? मृतकों की संख्या 97 पहुंची, 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग बेहाल

Fri, 07 Aug 2026 12:12 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, गुवाहाटी

सार

असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की मौत के बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 97 हो गई है। बाढ़ से 481 गांव जलमग्न हैं, 14,382.26 हेक्टेयर फसल, सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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असम में बाढ़ का कहर - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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असम में बाढ़ की स्थिति गुरुवार को भी गंभीर बनी रही। आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दो और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद इस वर्ष बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 97 हो गई। वहीं, राज्य के 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

क्या किन जिलों में हुईं नई मौतें?

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गोलाघाट और उदालगुड़ी जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। ASDMA की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक, गोलाघाट, शिवसागर, उदालगुड़ी, कामरूप महानगर, नगांव, कामरूप, दरांग, सोनितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिस्वनाथ, जोरहाट, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।

इनमें गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 54 हजार लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 49 हजार से अधिक और जोरहाट में करीब 27 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं।

क्या प्रभावित लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है?

रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को 14 जिलों में करीब 1.60 लाख लोग प्रभावित थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक हो गई है। ASDMA ने बताया कि छह जिलों में फिलहाल 133 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां करीब 45 हजार विस्थापित लोगों को आश्रय और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

क्या बाढ़ से गांवों, फसलों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है?

प्राधिकरण के अनुसार, राज्य में 481 गांव अब भी जलमग्न हैं। बाढ़ के पानी से 14,382.26 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। बुलेटिन में कहा गया है कि धांसिरी नदी नुमालीगढ़ में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा कई जिलों में तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। ASDMA के अनुसार, बाढ़ का असर राज्यभर में 41,475 घरेलू पशुओं और पोल्ट्री पर भी पड़ा है।

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