असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 159 हो गई, जिसमें छह जिलों- नागांव, लखीमपुर, बरपेटा, बिश्वनाथ, धेमाजी और मोरीगांव में आठ और लोगों की मौत हो गई।
असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में यहां आठ लोगों की जान चली गई। राज्य में बाढ़ के कारण 29 लाख से अधिक आबादी प्रभावित है। अधिकारियों ने बताया कि कछार के सिलचर शहर के कई हिस्से 11 दिन से अधिक समय से जलमग्न हैं। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने करीमगंज के सुभाष हाई स्कूल, कालीबारी और गोपीकानगर में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की।
विज्ञापन
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) द्वारा जारी एक बुलेटिन के अनुसार, इस साल बाढ़ और भूस्खलन के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 159 हो गई, जिसमें छह जिलों- नागांव, लखीमपुर, बरपेटा, बिश्वनाथ, धेमाजी और मोरीगांव में आठ और लोगों की मौत हो गई। कछार जिले में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। इस समय 25 जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 29.80 लाख रह गई है, जो कल तक 31.54 लाख थी। आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल असम पहुंच गया है।
वहीं, बेकी, कोपिली, बराक और कुशियारा समेत कई स्थानों पर ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि अन्य कई नदियों में जलस्तर कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बृहस्पतिवार को जिला उपायुक्तों के साथ ऑनलाइन बैठक की और उन्हें राहत शिविरों व अन्य आश्रयों में रहने वाले प्रत्येक परिवार को अगले चार दिनों के भीतर 3,800 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।