उत्तर-पूर्व भारत में हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार को और गंभीर स्थिति में पहुंच गई। असम के 33 में से 25 जिले सोमवार को बाढ़ की चपेट में आ गए तथा बाढ़ के कारण अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने यह जानकारी दी।
प्राधिकरण के अनुसार डिब्रूगढ़ में दो तथा बारपेटा एवं ग्वालपारा जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। धेमाजी, लखीमपुर, उदालगिरि, चिरांग, दर्रांग, नालबारी, बारपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सालमारा, ग्वालपारा, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव, होजाई, नगांव, गोलाघाट, जोरहट, मजूली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिमी कर्बी आंगलोंग जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
बाढ़ की सबसे अधिक मार बारपेटा पर पड़ी है जहां तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। दक्षिण सालमारा में 1.95 लाख , नालबारी में 1.17 लाख तथा मोरीगांव एंव धेमाजी जिले में एक-एक लाख लोग बाढ़ से बेहाल हैं। ब्रह्मपुत्र नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं।
यह भी पढ़ें: जलवायु परिवर्तन: भारत में गर्मी बढ़ने के साथ ही गहराएगा बाढ़ का संकट
असम में बाढ़ से करीब 9.3 लाख लोग प्रभावित
इससे पहले, बताया गया था कि असम में बाढ़ की वजह से 23 जिलों में लगभग 9.3 लाख लोग प्रभावित हुए। एएसडीएमए ने कहा कि धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुरी, दर्रांग, नलबारी, बारपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपाड़ा, कामरूप, मोरीगांव, होजई, नौगांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में बाढ़ के कारण 9.26 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।