पूर्वोत्तर राज्य असम में भीषण बाढ़ से पिछले दो महीनों से रेल संचालन ठप रहा। जिसकी अब 12 जुलाई से बहाली की तैयारी की जा रही है। बाढ़ से कई जगहों पर पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसकी मरम्मत का कार्य लगातार चल रहा है। नार्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे द्वारा इस बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित लुमडिंग-बदरपुर सेक्शन पर मरम्मत कार्य तीव्र गति में बढ़ाया जा रहा है। जिससे बदरपुर-न्यू हॉफलोंग हिल सेक्शन को शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इस भारी बारिश के कारण लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन पर 85 किमी रेल ट्रैक तबाह हो गया था। इससे त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम के कुछ हिस्सों में ट्रेन सेवाएं बाधित हुई थीं। इसके चलते देशभर से यहां पहुंचने वाली 24 ट्रेनें रद्द हुईं थीं। जिन्हें 12 जुलाई से फिर से चलाने की योजना है।
चार सौ करोड़ रुपये का नुकसान
फ्रंटियर रेलवे सूत्रों से अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक, इस बाढ़ में रेलवे को लगभग चार सौ करोड़ रुपये के नुकसान होने की संभावना है, जिसका असेसमेंट अभी चल रहा है। मई के मध्य में असम में भारी बारिश और लैंड स्लाइड के कारण दीमा हसाओ जिले का हाफलोंग स्टेशन पूरी तरह पानी में डूब गया था। भारी बाढ़ के चलते यहां रेलवे के कोच भी बह गए थे। यहां रेलवे स्टेशन संपत्ति, रेल कोच, रेल इंजन बाढ़ के कारण तबाह हो गए थे, जिससे रेलवे को लगभग चार सौ करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
असम में बाढ़ के कारण अभी भी कई ट्रेनें प्रभावित हैं। रेलवे के अनुसार बाढ़ के चलते रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण 12504 अगरतला-बेंगलुरु कैंट, 20502 आनंद विहार-अगरतला, 14037 सिलचर-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 12503 बेंगलुरु कैंट-अगरतला, 12515/16 सिलचर-कोयंबटूर-सिलचर एक्सप्रेस, 20501 अगरतला-आनंद विहार तेजस एक्सप्रेस, 12507 तिरुवनंतपुरम-सिलचर एक्सप्रेस, 15626 अगरतला-देवघर, 15641 सिलचर-न्यू तिनसुकिया, 15642 न्यू तिनसुकिया-सिलचर, 14620 फिरोजपुर कैंट-अगरतला, 15625 देवघर-अगरतला समेत दो दर्जन से ट्रेनें 15 जुलाई तक पूरी तरह से बहाल की जा सकेंगी।
असम में अब तक 190 लोग बाढ़ से मरे
असम में अभी भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शुक्रवार को तीन और लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ नए इलाके जलमग्न हो गए। राज्य सरकार के मिली जानकारी के अनुसार, इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या में भी थोड़ा इजाफा हुआ है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ के पानी में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की भूस्खलन में मौत हो गई। इसके साथ ही इस वर्ष राज्य में बाढ़ से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 190 हो गयी। राज्य में गुरुवार के बाद से बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या में दो की वृद्धि हुई। अब तक बाढ़ के कारण बिजली, कछार, चिरांग, डिब्रूगढ़, दीमा हसाओ, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, कामरूप, करीमगंज, मोरीगांव और नगांव जिला प्रभावित हो चुका है।
असम के 14 जिलों के 28 राजस्व मंडल और 620 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। एएसडीएमए के बुलेटिन में कहा गया है कि 8,88,177 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि राज्य का कछार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है क्योंकि यहां 5.63 लाख से अधिक लोग संकट में हैं। राज्य में 75,000 से अधिक लोगों ने 173 राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि अन्य 19 राहत वितरण केंद्र भी चालू हैं।