असम की हिमंत बिस्व सरमा सरकार ने हाल ही में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इसके बाद से बड़ी संख्या में युवा सलाखों के पीछे हैं। वहीं उनकी पत्नियां दस्तावेज ढूंढने के लिए दर-दर भटक रही हैं, ताकि वह यह साबित कर सकें कि शादी के समय उनकी उम्र कम नहीं थी।
कई प्रभावित परिवारों ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने मामले दर्ज करने के लिए महिलाओं की गलत जन्म तिथि वाले पहचान दस्तावेजों का हवाला दिया था। बाल विवाह के खिलाफ चार दिन पहले कार्रवाई शुरू की गई। इसके बाद से अब तक राज्यभर में कुल 2,241 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। वहीं, 4,074 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
मोरीगांव जिले के भूरागांव निवासी एक बुजुर्ग ने दावा किया कि बाल विवाह के अधिकांश मामले स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर दर्ज किए गए थे, जो सरकारी योजनाओं का कवरेज सुनिश्चित करने के लिए गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों पर नजर रखते हैं।
उन्होंने बताया, ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता आधार कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह ग्रामीणों के पास मौजूद नवीनतम दस्तावेज है। हालांकि, आधार कार्ड में जन्मतिथि से संबंधित त्रुटियां देखी गई हैं, लेकिन किसी ने भी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
एक अन्य ग्रामीण जमालुद्दीन ने आरोप लगाया कि आधार कार्ड में उनकी बहू की जन्म तिथि के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उनका बेटा राजीबुल हुसैन पुलिस हिरासत में है।
जमालुद्दीन ने कहा, उसने गर्भावस्था के दौरान आशा कार्यकर्ता को आधार विवरण प्रदान किया गया था। हम नहीं जानते थे कि अधिकारियों द्वारा जन्म के वर्ष में गलती हमें इतनी महंगी पड़ेगी। उनकी बहू को अब मोरीगांव शहर में अपने पैतृक घर जाना पड़ा है, ताकि सही जन्म तिथि के साथ पुराने पहचान दस्तावेज प्राप्त कर सकें। प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए उनके नाम बदले गए हैं।
इस मामले में सलाखों के पीछे बंद उसी गांव के एक अन्य युवक राशिदुल हुसैन के पिता ने भी कहा कि सरकारी पहचान पत्र में 'त्रुटि' के कारण उनके बेटे की गिरफ्तारी हुई।
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सौंपे गए पहचान दस्तावेजों के अनुसार जन्मतिथि के कारण रोनिता बिस्वास और सिम्पी रॉय मंडल भी अपने पतियों की गिरफ्तारी के बाद मोरीगांव के सरकारी आश्रय में हैं।
आश्रय गृह के एक कर्मचारी ने बताया, सरकारी आश्रयों में लाई गई अधिकांश महिलाओं की पहचान स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार की गई है, और गर्भवती या छोटे बच्चों के साथ उन महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी देखभाल की जाए।
उन्होंने कहा, इन आश्रय ग्रहों में सीमित संसाधन हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अकेली और जरूरतमंद महिलाओं को रहने के लिए जगह दी जाए, जब तक कि वे उचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर लेतीं।