फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असम: बहुविवाह पर प्रतिबंध के लिए विधानमंडल की विधायी क्षमता की जांच के लिए समिति गठित; जानें इसमें कौन-कौन

Thu, 11 May 2023 11:25 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा है कि इस समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस समिति का अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूमी फूकन को बनाया गया है। वहीं अन्य तीन लोगों को समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए असम सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में सीएम हिमंत बिस्व सरमा की घोषणा के बाद असम सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति बहुविवाह को समाप्त करने के लिए कानून बनाने के लिए राज्य विधानमंडल की विधायी क्षमता की जांच करेगी। इस समिति में चार लोगों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री सरमा ने इसके बारे में जानकारी दी है। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा है कि इस समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस समिति का अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूमी फूकन को बनाया गया है। वहीं अन्य तीन लोगों को समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सदस्यों के रूप में असम के एडवोकेट जनरल देबजीत सैकिया, राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता नलिन कोहली, और अधिवक्ता नेकिबुर ज़मान को शामिल किया गया है। 

यह समिति इसपर विचार करेगी कि क्या राज्य विधानमंडल को राज्य में बहुविवाह पर रोक लगाने का अधिकार है। समिति मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अधिनियम, 1937 के प्रावधानों की जांच भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के साथ-साथ राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत के साथ करेगी। समिति निर्णय तक पहुंचने के लिए कानूनी विशेषज्ञों सहित सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करेगी।
विज्ञापन


गौरतलब है कि इस साल फरवरी में असम सरकार द्वारा बाल विवाह पर कार्रवाई शुरू करने के बाद हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि असम सरकार राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। इसके लिए एक विशेष विशेषज्ञ कमेटी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा था कि असम में बाल विवाह पर चल रही कार्रवाई को और तेज किया जाएगा। उन्होंने दावा किया था कि 2026 तक, असम में बाल विवाह समाप्त हो इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कड़े कदम उठाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें