कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हत्या के तहत केस दर्ज करने की असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत की चेतावनी को कानून के जानकारों ने बचकाना बताया है।
इसबीच, असम में लगातार बढ़ते कोरोना मामले के बीच सरकार ने अगले 15 दिनों के लिए सभी कार्यालयों, धार्मिक स्थलों और साप्ताहिक बाजारों को बंद करने का फैसला लिया है। गौहाटी हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं डीजीपी के बयान को बचकाना और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान बोरा ने कहा कि कानून की जानकारी के अभाव में ऐसा बयान दिया गया है और भारतीय दंड संहिता की धारा 307 में इसका विस्तृत और स्पष्ट उल्लेख है। ऐसा कोई मामला कोर्ट में नहीं टिक सकेगा।
दरअसल, डीजीपी महंत ने कोरोना महामारी के खिलाफ बुधवार को नए नियम जारी किए थे। उन्होंने कहा था कि यदि कोई गुप्त रूप से कोई कार्यक्रम आयोजित करता है, वह समाज और देश के साथ धोखा करेगा। ऐसे में हम आपदा प्रबंधन और 144 आईपीसी के तहत मामला दर्ज नहीं करेंगे बल्कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करेंगे।