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Assam: 'PM मोदी देश के सबसे बड़े नेता, पूर्वोत्तर में हर पार्टी को लेना होगा उनका समर्थन', सरमा का बड़ा बयान

Thu, 09 Mar 2023 04:18 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

राहुल गांधी की ब्रिटेन यात्रा पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कहा कि उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिससे कुछ लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, सरमा ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि भारत में कोई भी उनकी बात नहीं सुनता है।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : Himanta Biswa Sarma/Twitter
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विस्तार
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इन दिनों पूर्वोत्तर की राजनीति काफी जोरों पर है। अन्य राज्यों के साथ पूर्वोत्तर में भी भाजपा का दबदबा बढ़ रहा है। शायद इसी को देखते हुए विरोधी पार्टियां भी भाजपा के समर्थन में आ रही हैं। इसको लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को कहा कि पूर्वोत्तर में चुनाव लड़ने वाले सभी दलों को यह समझना चाहिए कि आखिरकार उन्हें भाजपा का समर्थन करना ही होगा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े नेता
नगालैंड में जदयू और राकांपा के एनडीपीपी-भाजपा को समर्थन देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में प्रवेश करने से पहले सभी दलों को यह समझना चाहिए कि पानी समुद्र में बह जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े नेता हैं, हर कोई उनका पक्ष लेता है। हालांकि सीएम सरमा ने यह पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या नगालैंड के विकास ने जदयू सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी का संकेत दिया है।

भारत में राहुल गांधी की कोई नहीं सुनता- सीएम सरमा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए सीएम सरमा ने कहा कि मैंने उन पर ज्यादा शोध नहीं किया है। लेकिन नीतीश कुमार के साथ आप किसी चीज की गारंटी नहीं दे सकते। साथ ही राहुल गांधी की ब्रिटेन यात्रा पर भी उन्होंने निशाना साधा और कहा कि उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिससे कुछ लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, सरमा ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि भारत में कोई भी उनकी बात नहीं सुनता है।
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असम के सीएम सरमा ने कहा कि राहुल गांधी जानते हैं कि भारत में कोई उनकी बात नहीं सुनेगा। इसलिए, उन्होंने लंदन में भारत विरोधी लोगों का एक समूह इकट्ठा किया और उनके सामने बात की। वहीं चुटकी लेते हुए कहा कि पहली बार, राहुल गांधी ने भारत के बाहर भाषण देकर कुछ बुद्धिमत्ता दिखाई। हमें इसका श्रेय उन्हें देना होगा।

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