लंदन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भारत सरकार को घेरने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पलटवार किया है। सरमा ने कहा, पहले विदेशी एजेंट हमें निशाना बनाते हैं। फिर हमारा अपना ही हमें विदेशी धरती पर निशाना बनाता है। कैम्ब्रिज में राहुल गांधी का भाषण कुछ नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की आड़ में विदेशी धरती पर हमारे देश को बदनाम करने का एक निर्लज्ज प्रयास था।
भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान का जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि राहुल के आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया कि पहले विदेशी एजेंट हमें निशाना बनाते हैं। फिर हमारे अपने विदेशी जमीन पर हम पर निशाना साधते हैं। कैंब्रिज में राहुल गांधी का वक्तव्य और कुछ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की आड़ में विदेशी जमीन पर भारत को बदनाम करने का गलत प्रयास है।
दरअसल, राहुल गांधी ने कहा था कि स्वतंत्र रूप से अपने विचार नहीं रखने दिया जा रहा है, इसलिए भारतीय लोकतंत्र के खतरे है। इस पर सरमा ने ट्वीट किया कि तथ्य: वह 4,000 किलोमीटर लंबी यात्रा में मोदी सरकार द्वारा मुहैया कराई गई सुरक्षा के बीच बिना किसी अप्रिय घटना के चले। क्या हमें उन्हें यह याद दिलाने की जरूरत है कि भाजपा नेताओं के नेतृत्व वाली यात्राओं को कांग्रेस की सत्ता में कैसे नुकसान पहुंचाया गया?
राहुल गांधी ने दावा किया था कि मेरे फोन में पेगासस था और एक अधिकारी ने उन्हें इसे लेकर सतर्क किया था। इस पर सीएम हिमंत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बावजूद कांग्रेस सांसद ने अपना फोन जांच के लिए नहीं सौंपा। सरमा ने लिखा कि गहन जांच के बाद शीर्ष अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि पेगासस का कोई साक्ष्य नहीं है।
राहुल गांधी की ओर ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) का उदाहरण देकर चीन की तारीफ करने पर असम के मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि तथ्य: बीआरआई आज कई देशों के ऋण संकट के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।