लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान बिरला के अलावा असम विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वजीत दायमरी, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और रामेश्वर तेली समेत अहम चेहरों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बताया कि नया विधानसभा परिसर दस एकड़ जमीन में फैला हुआ है, जिसमें मुख्य इमारत और प्रशासनिक कामकाज के लिए अन्य इमारतें शामिल हैं।
इस मौके पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि किसी भी राज्य विधानसभा का भवन सिर्फ एक भवन नहीं है। यह हमारे लोकतंत्र का मंदिर है। इस मंदिर में बैठकर हम केवल जन कल्याण के लिए काम करते हैं। इसीलिए लोकतंत्र की 75 वर्षों की यात्रा में हमने सामाजिक-आर्थिक विकास के माध्यम से देश को आगे बढ़ाया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हर गंभीर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन राज्य विधानसभाओं और संसद में कोई व्यवधान नहीं होना चाहिए, क्योंकि लोगों को लोकतंत्र के इन मंदिरों से बहुत उम्मीदें हैं। यह बयान ऐसे वक्त दिया गया है, जब देश की संसद में चर्चा की जगह विरोध प्रदर्शन और हंगामा हो रहा है। इस वजह से सदन की कार्यवाही ठीक ढंग से चल नहीं पा रही।
उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर सहमति और असहमति भारत के लोकतंत्र की विशेषता है। सदन में विधेयकों सहित हर मुद्दे पर गहन चर्चा और बहस लोगों के सर्वोत्तम हित में बेहतर परिणाम ला सकती है।
10 साल पहले रखी गई थी नए परिसर की नींव
अधिकारियों के मुताबिक, नये परिसर की नींव 10 साल पहले रखी गई थी और तब इसके निर्माण पर 234.84 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी और परिसर में अन्य निर्माण के कारण अब 351 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार, नए भवन में 180 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। मौजूदा विधानसभा भवन में 126 विधायक बैठ सकते हैं।