असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के लिए 16 मंत्रियों को गार्जियन जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। इस व्यवस्था से जिलों में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की सीधी निगरानी हो सकेगी, जिससे राज्य की प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी।
असम सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार, सात जून को अपनी मंत्रिपरिषद के 16 मंत्रियों को 'गार्जियन डिस्ट्रिक्ट' यानी अभिभावक जिले आवंटित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस फैसले से जिला प्रशासनों के साथ समन्वय मजबूत होगा। इसके साथ ही राज्य भर में चल रही विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी।
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इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें इन विभागों के आवंटन की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सभी मनोनीत मंत्री जिला प्रशासनों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम करेंगे। यह कदम असम की प्रगति और समृद्धि को एक नए स्तर पर ले जाएगा।
क्रमांक
मंत्री का नाम
सौंपे गए अभिभावक जिले
1
रमेश्वर तेली
तिनसुकिया, जोरहाट
2
अतुल बोरा
कामरूप (मेट्रो), धेमाजी
3
चरण बोरो
कोकराझार, बक्सा, चिरांग
4
अजंता नेओग
मोरीगांव, कामरूप
5
अश्विनी राय सरकार
बोंगाईगांव, बारपेटा
6
अशोक सिंघल
दरांग, धुबरी
7
बिमल बोरा
शिवसागर, चराइदेव
8
बिस्वजीत दैमारी
नलबाड़ी, सोनितपुर
9
जयंत मल्लाबरुआ
तमुलपुर, गोलपाड़ा
10
कौशिक राय
श्रीभूमि, हाईलाकांदी
11
केशब महंता
साउथ सलमारा-मनकाचर, नॉर्थ लखीमपुर
12
कृष्णेंदु पॉल
दीमा हसाओ, कछार
13
नंदिता देवी
बजाली, उदालगुड़ी
14
पियूष हजारिका
नगांव, होजाई, कार्बी आंगलोंग, वेस्ट कार्बी आंगलोंग
15
रानोज पेगु
बिश्वनाथ, गोलाघाट
16
सुशांत बोरगोहेन
माजुली, डिब्रूगढ़
मंत्रियों के बीच जिलों का आवंटन
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जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, रामेश्वर तेली को तिनसुकिया और जोरहट जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। अतुल बोरा को कामरूप (मेट्रो) और धेमाजी का प्रभार मिला है। चरण बोरो को कोकराझार, बाक्सा और चिरांग की कमान सौंपी गई है। अजंता नेओग मोरीगांव और कामरूप के गार्जियन मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं देंगी। अश्विनी राय सरकार को बोंगईगांव और बारपेटा की जिम्मेदारी मिली है। अशोक सिंघल दरंग और धुबरी जिलों का काम संभालेंगे। बिमल बोरा को शिवसागर और चराइदेव आवंटित किया गया है। बिस्वजीत दैमारी नलबाड़ी और सोनितपुर के लिए जवाबदेह होंगे।
प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश
जयंत मल्लबरुआ को तामुलपुर और गोआलपारा की जिम्मेदारी दी गई है। कौशिक राय श्रीभूमि और हैलाकांडी का काम देखेंगे। केशव महंत को दक्षिण सलमारा-मानकाचार और उत्तरी लखीमपुर का प्रभार मिला है। कृष्णेंदु पॉल डिमा हसाओ और कछार के गार्जियन मंत्री बनाए गए हैं। नीलिमा देवी को बजाली और उदलगुरी की जिम्मेदारी दी गई है।
पीयूष हजारिका को नगांव, होजाई, कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जैसे बड़े क्षेत्र की निगरानी सौंपी गई है। रनोज पेगु को बिश्वनाथ और गोलाघाट आवंटित किया गया है। सुशांत बोरगोहेन माजुली और डिब्रूगढ़ के गार्जियन मंत्री के रूप में कार्य करेंगे।
क्या है गार्जियन मंत्री प्रणाली?
असम की इस गार्जियन मंत्री प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार और जिला प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना है। इसके तहत मंत्री सीधे तौर पर जिलों में जाकर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत देखेंगे। वे जिला स्तर पर चल रहे विकास कार्यों और जन कल्याणकारी कार्यक्रमों की कड़ी निगरानी करेंगे। इससे फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी और आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान संभव हो सकेगा।