भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान गुवाहाटी में सार्वजनिक संपत्तियों को कथित तौर पर नष्ट करने के मामले में सीआईडी ने एक बार फिर से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता देबब्रत सैकिया और राज्य पार्टी अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा को तलब किया है।
इस दिन होना है पेश
सीआईडी ने देबब्रत सैकिया को छह मार्च, जबकि बोरा को सात मार्च को गुवाहाटी के उलुबली में सीआईडी के समक्ष पेश होने को कहा है। इससे पहले सीआईडी ने कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदर और असम प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य नेता को मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। सीआईडी असम ने इससे पहले 26 फरवरी को देवव्रत सैकिया को समन जारी किया था।
23 जनवरी को दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में समन जारी
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'सीआईडी ने कांग्रेस विधायक देबब्रत सैकिया, असम प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा को भारतीय दंड संहिता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत 23 जनवरी को दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में समन जारी किया है।'
देबब्रत ने बताया कि उन्हें सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत सीआईडी से नोटिस मिला था।
यह है मामला
गौरतलब है, इस साल 23 जनवरी को जब कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने गुवाहाटी में प्रवेश किया था, तब पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहुल और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में गुवाहाटी में पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए थे। इस पूरी घटना की तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें कई कांग्रेस समर्थकों को दिखाया गया है, जो पार्टी के झंडे लिए हुए हैं। यह कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर रहे हैं और बैरिकेड तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि राहुल गांधी दूर से देख रहे हैं।
घटना के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक सड़क कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कानूनों के उल्लंघन से संबंधित बशिष्ठ पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया था। सीआईडी असम के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के माध्यम से मामले को सीआईडी असम को स्थानांतरित कर दिया गया था