असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत विश्व सरमा आए दिन अपने बयानो के चलते सु्र्खियों में रहते हैं। इस बार भी उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है जिससे सियासत तेज हो गई है। सरमा के निशाने पर इस बार कांग्रेस नेता शशि थरूर रहे। दरअसल, सरमा ने कांग्रेस के उन नेताओं के भविष्य के बारे में बताया जिन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष चुनाव में शशि थरूर को वोट किया था।
हिमंत सरमा ने बताया थरूर को वोट देने वाले नेताओं का भविष्य
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित आंतरिक चुनावों के परिणाम वोटों की गिनती से पहले ही ज्ञात और घोषित हो गए थे। कांग्रेस में केवल 1,000 प्रतिनिधियों ने शशि थरूर को लोकतांत्रिक तरीके से वोट देने का साहस दिखाया था। मुझे उम्मीद है कि ये सभी जल्द ही भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
शशि थरूर ने किया पलटवार
वहीं तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने भी सरमा के बयान पर तीखा पलटवार किया। थरूर ने कहा कि जो लोग लड़ने की हिम्मत रखते हैं वे कभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल नहीं होंगे। केवल वे ही लालच में आएंगे जिनमें लड़ने की हिम्मत नहीं होगी।
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में खड़गे ने थरूर को भारी अंतर से हराया था
बता दें कि 17 अक्तूबर को कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हुआ था और 19 अक्तूबर को नतीजे आए थे। इस चुनाव में खड़गे ने थरूर को भारी अंतर से हराया था। चुनाव में थरूर को 1072 वोट मिले थे तो खड़गे को 7,897 वोट मिले थे। इस चुनाव परिणाम ने 24 वर्षों बाद गैर-गांधी कांग्रेसी अध्यक्ष दिया।
संदीप दीक्षित ने हिमंत सरमा पर किया पलटवार
कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने की टिप्पणी को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर पलटवार करते हुए पार्टी नेता संदीप दीक्षित ने रविवार को कहा कि उन्होंने शशि थरूर को हाल के चुनावों में पार्टी अध्यक्ष के लिए वोट दिया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आप जैसे लोगों को बढ़ावा न मिले। दीक्षित ने एक ट्वीट में कहा कि मैंने शशि थरूर को जानबूझकर वोट किया था ताकि कांग्रेस में आप जैसे लालची, स्वार्थी और जोड़तोड़ करने वाले लोगों को फिर कभी पदोन्नत न किया जाए। हमारा "साहस" उस सिस्टम से लड़ना था जिसका आप प्रतिनिधित्व करते हैं।
सीएम ने सुनी बुजुर्ग की फरियाद
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कोकराझार में एक बुजुर्ग महिला के साथ बातचीत की। उन्होंने एसपी और डीसी से भूमि विवाद को हल करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि बुजुर्ग को 'ओरुनोदोई' पेंशन की सुविधा भी दी जाए।