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Assam: चुनाव से पहले हिमंत सरकार का चाय मजदूरों को तोहफा; फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी जुबीन गर्ग केस की सुनवाई

Fri, 27 Feb 2026 02:12 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

Assam Cabinet Decisions: असम में चुनावी सरगर्मी के बीच सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। चाय बागान मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाई गई है, तो वहीं जुबीन गर्ग मौत मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की तैयारी ने राजनीतिक और कानूनी सस्पेंस को बढ़ा दिया है।

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असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम कैबिनेट ने चर्चित जुबीन गर्ग मौत मामले की सुनवाई तेज करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह कदम परिवार के अनुरोध पर उठाया गया है। कैबिनेट ने गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से विशेष अदालत गठित करने का आग्रह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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परिवार की मांग पर लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार मौजूदा अदालत की कार्यप्रणाली से संतुष्ट थी, लेकिन पीड़ित परिवार की इच्छा सर्वोपरि है। गौरतलब है कि प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे। मामले में कई आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। सरकार का कहना है कि सामान्यतः ऐसे मामलों में कुछ महीनों में जमानत मिल जाती है, लेकिन यहां अदालत ने सख्ती दिखाई है।

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‘साजिश’ का भी लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि कुछ मीडिया संस्थान और विपक्षी दल मामले को चुनाव से पहले राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा था कि जज बदलवाकर आरोपियों को राहत दिलाने की साजिश रची जा रही है। हालांकि अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह परिवार की मांग को आगे बढ़ाएगी और अंतिम निर्णय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे।

चुनाव से पहले चाय बागान मजदूरों की दिहाड़ी में 30 रुपये की बढ़ोतरी
कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने चाय बागान मजदूरों की दैनिक मजदूरी 30 रुपये बढ़ाने की घोषणा की। 1 अप्रैल से ब्रह्मपुत्र घाटी में मजदूरी 280 रुपये और बराक घाटी में 258 रुपये प्रतिदिन हो जाएगी। इससे पहले अक्तूबर 2023 में 18 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। असम, जो देश का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है, वहां विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित हैं। ऐसे में इस फैसले को अहम माना जा रहा है।

ओरुनोदई योजना के तहत 39.7 लाख लाभार्थियों को राशि
कैबिनेट ने यह भी तय किया कि 10 मार्च को ‘ओरुनोदोई’ योजना के तहत 39.7 लाख लाभार्थियों को एकमुश्त 9,000 रुपये जारी किए जाएंगे। इस पर एक दिन में लगभग 3,600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से अधिक हो सकती है।

एनडीए सीट-बंटवारे समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नया लक्ष्य
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ एनडीए के भीतर सीट-बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 10 मार्च की नई तारीख निर्धारित की, जबकि चार दिन पहले ही उन्होंने घोषणा की थी कि यह समझौता पूरा हो चुका है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि दो सहयोगी देशों के साथ बातचीत अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, 'बीपीएफ के साथ हमारी बातचीत एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी। एजीपी के साथ बातचीत 9-10 मार्च तक पूरी हो जाएगी। हमें उम्मीद है कि तब तक सब कुछ तय हो जाएगा और हम 10 मार्च तक गठबंधन की घोषणा कर सकेंगे।' मुख्यमंत्री ने कहा कि राभा हासोंग जौथा संग्राम समिति (आरएचजेएसएस) के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था पूरी हो चुकी है। उन्होंने देरी का आंशिक कारण राज्यसभा चुनावों को बताया और कहा कि एनडीए सहयोगी इस दौरान सतर्कता से आगे बढ़ रहे हैं।
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राज्य में एनडीए के घटक दलों में भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी), यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विधानसभा में प्रतिनिधि हैं। आरएचजेएसएस और जनशक्ति पार्टी भी गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन उनके पास कोई विधायक नहीं है।

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