असम सरकार ने शनिवार को विस्तार के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। इस दौरान कैदियों की अप्राकृतिक मौत के मामले में परिजनों को आर्थिक मुआवजा देने को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में बराक घाटी के विकास और इथेनॉल उत्पादन के लिए प्रोत्साहन को एक विभाग के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
दिन की शुरुआत में चार नए मंत्रियों ने शपथ ली, इनमें सभी भाजपा विधायक शामिल हैं। मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद शाम को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की।
एक्स पर पोस्ट कर सीएम ने कैबिनेट के फैसले साझा किए
बैठक के बाद सीएम सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कैबिनेट के फैसले साझा किए। सरमा ने कहा कि कैबिनेट ने अप्राकृतिक मौत के मामलों में कैदियों के कानूनी उत्तराधिकारियों या निकटतम परिजनों को एकमुश्त मुआवजे की नीति को मंजूरी दे दी है।
कैदियों की मौत पर मुआवजे के ये मानक तय
कैबिनेट ने तय किया है कि अगर कैदी की मौत जेल में झगड़े के कारण होती है, तो उसके परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। अगर मौत जेल कर्मचारियों की पिटाई या यातना से होती है, तो मुआवजा 3 लाख रुपये होगा। अगर जेल या स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही से मृत्यु होती है, तो मुआवजा 4 लाख रुपये होगा। आत्महत्या के मामले में भी 3 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
बराक घाटी के विकास के लिए नए विभाग को मंजूरी
इसके अलावा, बराक घाटी के विकास के लिए एक नया विभाग बनाने की भी मंजूरी दी गई है, ताकि वहां के विकास में तेजी लाई जा सके। इसके जरिये वहां लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
अनाज आधारित तीन विनिर्माण इकाइयों को मंजूरी
सीएम सरमा ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए, कैबिनेट ने तीन अनाज-आधारित इथेनॉल विनिर्माण इकाइयों को तीन साल की अवधि के लिए 2 रुपये प्रति लीटर के उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन को मंजूरी दी।
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