मुख्यमंत्री सरमा ने बजट को ‘जन केंद्रित’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं है। बजट में कोरोना काल में प्रभावित लोगों पर बोझ नहीं पड़े इसका भी ध्यान रखा गया है। सरकार की ओर से कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है।
असम में हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट पेश किया। बजट में एक लाख नए सरकारी रोजगार सृजित करने का प्रस्ताव है और नया कर नहीं लगाया गया है। चालू वित्त वर्ष में 566 करोड़ रुपये का बजटीय घाटा रहने का अनुमान लगाया गया है। राज्य की पहली महिला वित्त मंत्री अजंता नियोग ने बजट पेश किया। इसमें युवाओं को रोजगार, सरकारी स्कूलों के नौवीं और 10वीं के छात्रों को मोबाइल देने की घोषणा की। इसके अलावा कृषि आयोग गठित करने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए मवेशियों में कृत्रिम गर्भाधान शुरू करने के प्रस्ताव किए गए हैं।
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विपक्ष ने जनविरोधी बजट बताया
मुख्यमंत्री सरमा ने बजट को ‘जन केंद्रित’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं है। इसके अलावा कोविड प्रभावित लोगों पर कोई बोझ नहीं पड़े इसका भी ध्यान रखा गया है। साथ ही बजट में किए गए प्रस्तावों का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग का कल्याण है। उन्होंने कहा कि इसमें अगले पांच साल के विकास कार्यों की रूपरेखा तय की गई है।
हालांकि, विपक्षी दलों ने सरमा सरकार के बजट की आलोचना की है। विपक्षी नेताओं ने इसे ‘जनविरोधी’ बताया है। उनका कहना है कि इसमें मूल्य वृद्धि सहित मौजूदा समस्याओं को हल करने के लिए कोई वास्तविक रूपरेखा या प्रस्ताव नहीं है। वित्त मंत्री नियोग ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान नरमी के कारण कर विभाग का कर संग्रह घटकर 14,645 करोड़ रुपये रहा जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 14,967 करोड़ रुपये था।