बीजेपी की असम यूनिट ने म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों का सपोर्ट करने वाली एक महिला नेता को सस्पेंड कर दिया है। कुछ दिनों पहले बेनेजीर अरफान ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर लोगों से म्यांमार सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल में शामिल होने की मांग की थी।
गौरतलब है कि, तीन तलाक के दौरान अरफान बीजेपी का प्रमुख चेहरा थी। वह स्वयं तीन तलाक मामले में पीड़ित हैं। गुरुवार को राज्य के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने अरफान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया और एक लेटर भेजा, जिसमें पूछा गया था कि पार्टी आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न करे।
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अरफान के बताया कि व्यक्तिगत तौर पर मैं इस तरह की घटनाओं का विरोध करती हूं और इसलिए मैंने ये पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया था, लेकिन पार्टी प्रमुख ने इस पर कार्रवाई कर दी। उन्होंने मेरे से एक बार भी अपनी स्थिति पर सफाई नहीं मांगी और मेरे खिलाफ कार्रवाई की गई।
बेनेजीर ने इसके बाद पार्टी को एक क्षमा पत्र भी लिखा लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। अपने फेसबुक पोस्ट में बेनेजीर अरफान ने लोगों से 16 सितंबर को म्यांमार से निकाले जा रहे रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर होने वाली रैली में भाग लेने की अपील की थी।