असम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दिलीप सैकिया ने शनिवार को एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर निशाना साधा और उन्हें सांप्रदायिक व्यक्ति बताया। दरअसल, अजमल ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ चल रही कार्रवाई का संज्ञान लेते हुए कहा था कि यह कार्रवाई मुसलमानों को परेशान करने के लिए की गई है।
अजमल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2007 के तहत दंडनीय अपराध है, लेकिन राज्य द्वारा आज तक कोई अभियान नहीं चलाया गया। अब सरकार गिरफ्तारियां कर रही है और जल्द ही वह घोषणा करेगी कि नब्बे फीसदी लड़के और लड़कियां मुस्लिम हैं। गिरफ्तारियां एकतरफा होंगी, यह हम जानते हैं। यह सककार मुस्लिम विरोधी है। भाजपा वहां है और आरएसएस है, इसलिए उन पर दबाव होगा।
एआईयूडीएफ सासंद अजमल की टिप्पणी का जवाब देते हुए भाजपा नेता दिली सैकिया ने कहा, बदरुद्दीन अजमल विशुद्ध रूप से एक सांप्रदायिक व्यक्ति हैं, उनकी पार्टी का काम केवल सरकार की हर पहल में धार्मिक रंग ढूंढना है। वे हमेशा एक धार्मिक एंगल ढूंढने की कोशिश करते हैं। बाल विवाह पर इस कार्रवाई का किसी जाति या समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। वे वोट बैंक के लिए कुछ भी करेंगे।
मंगलदोई से सांसद सैकिया ने कहा कि बदरूद्दीन अजमल एक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और अगर वह समझते हैं और संविधान में भरोसा करते हैं, तो उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। इसके बजाय उन्हें बाल विवाह रोकना चाहिए था। उन्होंने इस संबंध में अब तक कोई पहल क्यों नहीं की?
बाल विवाह के खिलाफ चल रही कार्रवाई में असम पुलिस ने अब तक राज्य भर में मुस्लिमों और हिंदू पुजारियों सहित 2,170 लोगों को गिरफ्तार किया है। भाजपा सांसद सैकिया ने कहा कि इस कार्रवाई का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि उनकी पार्टी पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रही है और वोट बैंक की परवाह किए बिना समाज की भलाई के लिए काम करती है।
सैकिया ने कहा, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से सबूत इकट्ठा कर रहे थे और शिकायतें प्राप्त कर रहे थे, जिसके आधार पर बाल विवाह में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने आगे कहा, एक नाबालिग लड़की की शादी करना कैसे सही है? समाज के हित के लिए बाल विवाह को रोकना बहुत जरूरी है।