असम में चुने हुए प्रतिनिधि तक संदिग्ध विदेशी होने की जांच के घेरे में रहते हैं। एक विचित्र वाकया पेश आया जब विदेशियों की जांच के लिए बने एक ट्रिब्यूनल ने बराक घाटी से बीजेपी विधायक और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस भेजकर ट्रिब्यूनल के सामने अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कहा।
एक सूत्र ने बताया, "कछार में विदेशियों के लिए ट्रिब्यूनल नंबर एक ने बोरखोला निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक किशोर नाथ और उनके परिवार के छह सदस्यों पर संदिग्ध मतदाता होने का संदेह जताते हुए एक नोटिस जारी किया है। नाथ को शुक्रवार की सुबह नोटिस मिल गया।"
नाथ ने पुष्टि की है कि उन्हें नोटिस मिल गया है उन्होंने ट्रिब्यूनल के नोटिस को चुनौती देने की कसम खाई है। उन्होंने कहा, "मैं इस मिट्टी का बेटा हूं... बराक घाटी का मूल निवासी हूं और मैं एक भारतीय हूं। मैं इसे साबित करूंगा।"
कछार जिले के बोरखोला सीट से भाजपा विधायक किशोर नाथ ने 2016 के विधानसभा चुनावों में केवल 42 वोटों से जीत दर्ज की थी।
ट्रिब्यूनल ने नाथ की पत्नी नीलिमा नाथ, उनके चार भाइयों मतिलाल नाथ, प्रदीप नाथ, जगदीश नाथ, माणिक नाथ और भाभी राखी नाथ को भी ऐसा ही नोटिस भेजा है।
नाथ को अब अपने परिवार के सदस्यों के साथ ट्रिब्यूनल के सामने पेश होना होगा और साबित करना होगा कि वे भारत के नागरिक हैं।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने भाजपा के खिलाफ तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी। बोरा ने कहा, "इसका मतलब है कि बीजेपी का एक विधायक भारतीय नागरिक नहीं है। बीजेपी को देश से माफी मांगनी चाहिए।