पांच राज्यपालों और एक लेफ्टिनेंट गवर्नर की नियुक्ति पर शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगा दी। सतपाल मलिक को बिहार, रिटायर ब्रिगेडियर बी डी मिश्रा को अरुणाचल प्रदेश, प्रोफेसर जगदीश मुखी को असम, गंगा प्रसाद को मेघालय और बनवारी लाल पुरोहित को तमिलनाडु का नया राज्यपाल बनाया गया है।
इससे पहले खुद रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल थे। उनके राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से यह पद खाली था। सतपाल मलिक 1990 में राज्यमंत्री थे और तीन बार सांसद रह चुके हैं। पुरोहित को मेघालय से तमिलनाडु भेजा गया है। वह 17 अगस्त 2016 से मेघालय के राज्यपाल थे। पुरोहित दो बार कांग्रेस और एक बार भाजपा के टिकट से नागपुर लोकसभा सीट जीत चुके हैं। राजनीति उथलपुथल से जूझ रहे तमिलनाडु को 13 महीने बाद पूर्णकालीक राज्यपाल मिला है।
अगस्त 2016 में के रोसैया ने राज्य के राज्यपाल की कुर्सी से रिटायर हुए थे। इसके बाद से महाराष्ट्र के राज्यपाल विद्यासागर राव तमिलनाडु का अतिरिक्त भार संभाल रहे थे। रिटायर्ड एडमिरल डी के जोशी को अंडमान और निकोबार का लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया।
दिल्ली के पूर्व विधायक और भाजपा के पुराने दिग्गज जगदीश मुखी को केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार से असम भेजा गया है। मुखी की जगह पूर्व एडमिरल डी के जोशी को वहां का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया है।
मेघालय के गवर्नर बने गंगा प्रसाद बिहार की राजनीति से अपना कैरियर बनाया है। अमित शाह के पार्टी अध्यक्ष, बनने के बाद वह भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे। अरुणाचल प्रदेश के नए राज्यपाल मलिक ऐसे फौजी रहे जो 1962, 1965 और 1971 के युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं।